
लखनऊ। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शनिवार को उस वक्त हंगामा हो गया, जब दुबई से लौटे 30 छात्रों से कोरोना जांच के पैसे मांगे गए। इससे नाराज छात्र कपड़े उतारकर बोले- एक फूटी कौड़ी नहीं है तो जांच के पैसे कहां से दें। मामला बढ़ता देख सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों को घेर लिया। बाद में मुफ्त में जांच कर इन्हें बाहर भेजा गया।
एयरपोर्ट प्रशासन से जुड़े सूत्रों ने बताया कि दुबई से फ्लाइट एफजेड 433 शुक्रवार देर रात 1.40 बजे दुबई से रवाना हुई और शनिवार सुबह करीब सात बजे अमौसी पहुंची। इससे 30 छात्र लखनऊ पहुंचे। अमौसी एयरपोर्ट पर विदेश से आने वालों की कोरोना जांच अनिवार्य है।
इसकी जिम्मेदारी गुजरात की निजी एजेंसी को सौंपी गई है, जो हर यात्री से 900 रुपये लेती है। छात्रों से जब आरटीपीसीआर करवाने के लिए कहा गया तो उन्होंने बताया कि वे दुबई में जांच करवा चुके हैं। दोबारा जांच करवाने के लिए उनके पास पैसे नहीं हैं।
एजेंसी ने जांच को अनिवार्य बताते हुए भुगतान करने के लिए कहा तो नाराज छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। इससे दूसरे यात्रियों की जांच में दिक्कतें होने लगीं। हंगामा बढ़ने पर सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों को घेर लिया। इससे नाराज छात्रों ने बनियान तक उतार दी और बोले- एक फूटी कौड़ी नहीं है। चाहे तो तलाशी ले ली जाए। करीब सवा घंटे तक हंगामे के बाद उन्हें मुफ्त में जांच कर एयरपोर्ट से बाहर किया गया।
चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर खाड़ी देशों से उड़ानें आती हैं। इनके यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर कोरोना जांच कराना अनिवार्य है। इसका 900 रुपये शुल्क भी यात्रियों से ही लिया जाता है। इसे लेकर आए दिन कहासुनी होती है। यात्रियों का तर्क है कि पहले खाड़ी देशों में जांच करवाई जाती है, फिर यहां एयरपोर्ट पर टेस्ट करवाया जाता है। इसके शुल्क का बोझ भी उन्हीं पर डाला जाता है। इसे लेकर शिकायतें हो चुकी हैं।
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