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पाम बीच एयरपोर्ट का नाम ट्रंप के नाम पर क्यों रखा गया? जानिए फैसले के पीछे की वजह और पूरी कहानी

July 10, 2026

वॉशिंगटन। अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य स्थित पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट (International Airport) का आधिकारिक नाम बदलकर ‘प्रेसिडेंट डोनाल्ड जे. ट्रंप इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ कर दिया गया है। यह बदलाव फ्लोरिडा सरकार (International Airport) द्वारा पारित कानून के तहत किया गया है। एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया है कि नाम बदलने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी, इसलिए कुछ समय तक यात्रियों को पुराने और नए दोनों तरह के साइनबोर्ड दिखाई देंगे।

आखिर नाम क्यों बदला गया?

यह एयरपोर्ट फ्लोरिडा के पाम बीच क्षेत्र में स्थित है, जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का निजी आवास मार-ए-लागो मौजूद है। ट्रंप और उनका परिवार लंबे समय से इस एयरपोर्ट का नियमित इस्तेमाल करते रहे हैं। इसी क्षेत्र में उनके राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव को देखते हुए फ्लोरिडा सरकार ने एयरपोर्ट का नाम उनके सम्मान में रखने का फैसला किया। इसके लिए गवर्नर रॉन डीसैंटिस ने इसी वर्ष संबंधित विधेयक पर हस्ताक्षर किए थे।



  • ट्रंप परिवार का विमान बना पहला आगंतुक

    नाम बदलने के बाद एयरपोर्ट पर उतरने वाला पहला विमान ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन का बोइंग 757 था, जिसे ‘ट्रंप फोर्स वन’ के नाम से जाना जाता है। विमान में ट्रंप के बेटे एरिक ट्रंप भी सवार थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे अपने परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया।

    ट्रंप ने जताई खुशी

    राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एयरपोर्ट का नाम बदलने को सम्मान की बात बताते हुए फ्लोरिडा के लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पाम बीच उनके लिए बेहद खास स्थान है और यह एयरपोर्ट दुनिया के बेहतरीन हवाई अड्डों में शामिल होने की क्षमता रखता है।

    धीरे-धीरे होंगे सभी बदलाव

    एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, नए नाम के अनुरूप साइनबोर्ड, ब्रांडिंग और अन्य व्यवस्थाओं को चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया पर लगभग 55 लाख अमेरिकी डॉलर खर्च होने का अनुमान है। एयरपोर्ट के संचालन पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और यात्रियों को पहले की तरह सभी सेवाएं मिलती रहेंगी।

    लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

    एयरपोर्ट का नाम बदलने पर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। जहां ट्रंप समर्थकों ने इसे उनके योगदान का सम्मान बताया, वहीं कुछ यात्रियों ने कहा कि वे इस फैसले से सहमत नहीं हैं। हालांकि कई लोगों का मानना है कि इससे उनकी यात्रा पर कोई व्यावहारिक असर नहीं पड़ेगा।

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