
इंदौर। सालों से नेहरू नगर के मकानों को निगम द्वारा जर्जर-खतरनाक घोषित किया जा चुका है। अभी निगम शहर में स्थित ऐसे हवा में लटके मकानों को रोजाना ढहा भी रहा है, क्योंकि अभी बारिश में कोई हादसा हो सकता है। दूसरी तरफ नेहरू नगर में रहने वाले 400 से अधिक परिवार 24 ही घंटे संकट में हैं कि कभी भी उनके मकान टपक सकते हैं।

नेहरू नगर में हाउसिंग बोर्ड की 17 बिल्डंगों के फ्लैटों की हालत अत्यंत खस्ता हो चुकी है, जिसमें 406 परिवार रहते हैं। इनमें से 12 लोगों ने आपत्तियां दर्ज करवा रखी है, जिसके चलते हाउसिंग बोर्ड अपना रीडेंसीफिकेशन प्रोजेक्ट में अमल में नहीं ला पा रहा है। पिछले दिनों इंदौर आए हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष ओम जैन ने नेहरू नगर के इन जर्जर मकानों को पूर्व पार्षद चंदू शिंदे के साथ जाकर देखा भी था और वहां के रहवासियों ने शॉपिंग कॉम्प्लेक्स स्थित कार्यालय जाकर अध्यक्ष से मुलाकात भी की, जिसमें इन परिवारों ने चिंता जाहिर की कि वे रात में भी ठीक से सो नहीं पाते और हमेशा डर सताता है कि कभी भी उनके मकान ढह सकते हैं।

दरअसल, हाउसिंग बोर्ड इस मामले में लापरवाही साबित हुआ। उसने अभी तक आपत्तिकर्ताओं का निराकरण नहीं किया, जिसके चलते 400 परिवार संकट में रह रहे हैं और हवा में लटके इन जर्जर और खतरनाक मकान कभी भी टपक सकते हैं और कोई बड़ी जनहानि भी संभव है। पिछले दिनों भी बोर्ड ने इन मकानों को खाली कर कब्जा सौंपने के नोटिस जारी किए हैं और अब देखना यह है कि कब तक ये मकान बोर्ड खाली करवा पाता है।
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