
जब आप किसी मेमने को भेड़ियों के झुंड से भिड़ने के लिए यह कहकर पहुंचा दें कि मैं हूं ना… और भेड़िए उस मेमने को नोंच खाएं तो यह हार उस मेमने की नहीं आपकी है, जिसे आपने उकसाया, बहलाया और मौत के मुंह में पहुंचाया… कुछ ऐसा ही हुआ है दतिया और बांकीपुर में… जहां अतिआत्मविश्वास में आकर अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की खाली सीट पर एक मंडल अध्यक्ष स्तर के नेता को भाजपा ने उम्मीदवार बना दिया, तो मध्यप्रदेश में एक ऐसे नेता को दांव पर लगा दिया, जिसकी पहचान केवल इतनीभर थी कि वो प्रधानमंत्री की सभाओं में व्यवस्थाओं का जिम्मा संभालता था और वे उसे जानते थे…दोनों की हार से चिंता में फंसी पार्टी को चिंतन तो करना ही पड़ेगा और चिंतन का मंथन यह है कि आप अपनी लोकप्रियता जनता पर नहीं थोप सकते…लोग आपको मानते हैं… आपके थोपे हुए व्यक्ति को नहीं स्वीकारते हैं… जो वोट देते हैं वो आप पर निष्ठा ही नहीं रखते बल्कि विश्वास भी करते हैं लेकिन जिसे आप थोपेंगे, यदि वो विश्वास के लायक नहीं होगा तो आपके लिए उनके जेहन में बनी निष्ठा भी डगमगाएगी…इस हार से आपको यह आत्मबोध होना चाहिए… आपकी यह खराब सोच सुधरना चाहिए कि आप मेमने के सर पर भी हाथ रखेंगे तो वो शेर बन जाएगा… उस मेमने को लोग तो दूर आपके अपने लोग,आपके नेता, आपके कार्यकर्ता भी नहीं स्वीकारेंगे…वो उसे जिताने के लिए रण में भी नहीं जाएंगे… आप सरकार झोंकें, मंत्री झोंकें या अफसरों की ताकत लगाएं, ना वो मतदाता को बहला पाएंगे, न फुसला पाएंगे… आपकी गलती यह है कि आप अपने सूरमाओं को नहीं पहचान पा रहे हैं…उनकी ताकत को ठुकरा रहे हैं… दिग्गज नेताओं को घर बैठा रहे हैं…उनकी जनता के बीच बनी लोकप्रियता को लांघ रहे हैं…जब आप ही उन पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं तो आपके थोपे हुए उम्मीदवार पर मतदाता कैसे भरोसा कर पाएंगे…दरअसल आप अपनी इस सोच से अपनी ताकत को ही मार रहे हैं…जीत सामूहिकता से होती है…अनुभव की परख करती है…नेता वक्त की कसौटी में खुद को ढालता है… एक-एक कार्यकर्ता की मदद कर कारवां बनाता है, लेकिन आप नए नेता पैदा करना चाहते हैं तो शौक से कीजिए…लेकिन फिर हार का गम मत मनाइए…चिंता करके खुद को मत झुलसाइए… जो हो रहा है उसे स्वीकारिए… और यदि हार का गम सताए तो चिंता नहीं चिंतन में वक्त लगाइए… वैसे यह हार आपको सबक सिखाएगी और अगली जीत के लिए मजबूत बनाएगी…गलतियां सुधारने का मौका दिखाएगी… पार्टी के लिए समर्पित नेताओं की पूछ-परख बढ़ाएगी…
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