
नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री और डांसर नोरा फतेही (Nora Fatehi) एक बार फिर कानूनी विवाद (Legal Dispute) में घिर गई हैं। उनके खिलाफ ड्यून्स एविएशन (Dunes Aviation)ने 3 करोड़ रुपये की मानहानि (Defamation) का सिविल मुकदमा दायर किया है। मामला पिछले साल दिसंबर में मुंबई (Mumbai)से जयपुर की यात्रा के दौरान एक चार्टर्ड विमान (Chartered Aircraft) को लेकर की गई उनकी टिप्पणी से जुड़ा है। कंपनी का आरोप है कि अभिनेत्री की टिप्पणियों से उसकी प्रतिष्ठा और कारोबार को नुकसान पहुंचा।
मामले के अनुसार, नोरा फतेही ने मुंबई से जयपुर जाते समय सेसना सिटेशन CJ2 विमान के अंदर वीडियो बनाया था। इस दौरान उन्होंने विमान के आकार को लेकर टिप्पणी की और उसे छोटा तथा खिलौने जैसा बताया। उन्होंने विमान की तुलना लेगो से भी की थी। बाद में इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया।
ड्यून्स एविएशन का कहना है कि नोरा फतेही की लोकप्रियता और सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों के कारण उनकी टिप्पणी का व्यापक प्रभाव पड़ा। कंपनी ने दावा किया है कि लोगों के बीच विमान और उसकी सेवाओं को लेकर नकारात्मक धारणा बनी। इसके चलते कंपनी की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई और व्यावसायिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा।
कंपनी की ओर से अदालत में दाखिल मुकदमे में दावा किया गया है कि विवादित टिप्पणियों के बाद बुकिंग में लगभग 15 से 20 प्रतिशत तक गिरावट आई। साथ ही रद्द होने वाली बुकिंग की संख्या में भी बढ़ोतरी होने का दावा किया गया है। कंपनी ने नोरा की टिप्पणियों को गैरजिम्मेदार बताते हुए कहा है कि इन्हें पर्याप्त तकनीकी जानकारी, जांच या तथ्यों के आधार पर नहीं किया गया था।
ड्यून्स एविएशन ने अदालत के सामने विमान की सुरक्षा और वैधता से जुड़े अपने पक्ष को भी रखा है। कंपनी के अनुसार, जिस सेसना सिटेशन CJ2 विमान को लेकर टिप्पणी की गई थी, वह निर्धारित विमानन मानकों के अनुरूप था। कंपनी का दावा है कि विमान उड़ान के लिए उपयुक्त था और वैध अनुमति के तहत संचालित किया जा रहा था।
विमानन कंपनी का कहना है कि किसी सार्वजनिक हस्ती की ओर से विमान को लेकर की गई नकारात्मक टिप्पणी का असर उसके ग्राहकों और संभावित यात्रियों की धारणा पर पड़ सकता है। इसी आधार पर कंपनी ने अपनी प्रतिष्ठा, गुडविल और कारोबार को हुए कथित नुकसान की भरपाई के लिए 3 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है।
मुकदमे में केवल आर्थिक क्षतिपूर्ति की मांग नहीं की गई है। कंपनी ने अदालत से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को हटाने का निर्देश देने का अनुरोध भी किया है। इसके अलावा नोरा फतेही की ओर से सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण दिए जाने की मांग भी रखी गई है।
मामले की अगली सुनवाई गांधीनगर की वरिष्ठ सिविल जज आर. अग्रवाल की अदालत में 25 सितंबर को निर्धारित है। फिलहाल यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है और कंपनी की ओर से लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
अदालत में आगे होने वाली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की दिशा स्पष्ट होगी। फिलहाल नोरा फतेही के लिए यह विवाद इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एक सोशल मीडिया टिप्पणी अब सीधे आर्थिक हर्जाने और मानहानि के कानूनी दावे तक पहुंच चुकी है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved