img-fluid

मृत्यु के बाद 13 दिन का सूतक, पिंडदान क्यों हैं अहम? जानिए क्‍या कहता है गरुड़ पुराण?

April 20, 2026

नई दिल्ली। सनातन धर्म (Sanatan Dharma) में मृत्यु (Death) को जीवन का अटल सत्य माना गया है, जिसे कोई टाल नहीं सकता। लेकिन मृत्यु के बाद आत्मा के साथ क्या होता है, यह प्रश्न अक्सर लोगों के मन में उठता है। हिंदू धर्म (Hindu Religion) के प्रमुख ग्रंथ गरुड़ पुराण (Garuda Purana) में मृत्यु और उसके बाद की अवस्थाओं का विस्तार से वर्णन मिलता है। इसके अनुसार, शरीर से प्राण निकलते ही आत्मा की यात्रा शुरू हो जाती है। यही कारण है कि मृत्यु के बाद 13 दिनों तक सूतक और पिंडदान से जुड़े नियमों का पालन महत्वपूर्ण माना गया है।

अंतिम संस्कार को देखती है आत्मा
मान्यता के अनुसार, मृत्यु के तुरंत बाद यमदूत आत्मा को यमलोक ले जाते हैं, जहां उसे उसके जीवन के कर्मों का लेखा-जोखा दिखाया जाता है। इसके बाद कुछ समय के लिए आत्मा को वापस उसके घर भेजा जाता है, ताकि वह अपने परिजनों को देख सके और अपने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया का साक्षी बन सके।

13 दिनों तक परिवार के पास रहती है आत्मा
गरुड़ पुराण में बताया गया है कि मृत्यु के बाद 13 दिनों तक आत्मा अपने घर और परिवार के आसपास ही रहती है। इस दौरान वह अपने प्रियजनों को देखती और उनकी बातें सुनती है, लेकिन उनसे संवाद नहीं कर पाती। इस अवधि में आत्मा मोह में बंधी रहती है और अपने जीवन के कर्मों पर विचार करती है।


  • पिंडदान का महत्व क्या है?
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, परलोक की यात्रा लंबी और कठिन होती है। ऐसे में पिंडदान आत्मा के लिए मार्ग में मिलने वाले भोजन के समान माना गया है। परिवार द्वारा किए गए इस कर्म से आत्मा को आगे की यात्रा पूरी करने के लिए शक्ति और सहारा मिलता है।

    तेरहवीं के बाद आगे बढ़ती है आत्मा
    मृत्यु के 13वें दिन होने वाला तेरहवीं संस्कार विशेष महत्व रखता है। कहा जाता है कि इस दिन किए गए अनुष्ठानों के बाद आत्मा को इस संसार के बंधनों से मुक्ति मिलती है और वह अपनी आगे की यात्रा पर निकल जाती है।

    गरुड़ पुराण का पाठ क्यों किया जाता है?
    शोक के इस समय में घर में गरुड़ पुराण का पाठ करने की परंपरा है। यह आत्मा को मोह छोड़कर आगे बढ़ने का मार्ग दिखाता है और उसे शांति व मोक्ष की ओर प्रेरित करता है। साथ ही, यह परिजनों को दुख सहने की मानसिक शक्ति भी प्रदान करता है।

    (डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।)

    Share:

  • MP: शिवपुरी में पत्नी ने मारा थप्पड़ तो पति ने बेरहमी से पीटा... गला दबाकर उतारा मौत के घाट

    Mon Apr 20 , 2026
    शिवपुरी। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शिवपुरी जिले (Shivpuri district) के करैरा (Karaira) में शादी के बाद एक 23 साल की विवाहिता (Married Woman) की उसके ही पति ने पहले मारपीट की और फिर गला दबाकर हत्या कर दी। घटना के वक्त घर में देवर और देवरानी भी मौजूद थे, जिन्हें पुलिस ने सहआरोपी बनाकर […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved