
भोपाल। ग्वालियर में गोडसे समर्थक बाबूलाल चौरसिया को कांग्रेस में शामिल कराए जाने से पार्टी में उपजे विवाद का पटाक्षेप हो हो गया है। चौरसिया को लेकर पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने सड़क पर उतरने की चेतावनी दी थी। इससे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ नाराज थे। खबर है कि अरुण यादव और कमलनाथ के बीच दूरभाष पर चर्चा हुई है। इसके बाद दोनों के बीच मतभेद खत्म हो गया है। अब बाबूलाल चौरसिया कांग्रेस में रहेंगे। पार्टी सूत्र बताते हैं कि बाबूलाल चौरिसया को लेकर बयान जारी कर अरुण यादव पार्टी में अलग-थलग पड़ गए थे। इससे यादव और कमलनाथ के बीच मनमुटाव की स्थिति बन गई थी। दूरभाष पर हुई चर्चा में अरुण यादव ने कहा कि उन्होंने पार्टी एवं पार्टी अध्यक्ष को लेकर किसी तरह का बयान नहीं दिया। वे बाबूलाल चौरसिया के कांग्रेस में शामिल होने से व्यक्तिगत तौर पर आहत थे। इस वजह से उन्होंने मीडिया में बयान जारी किया था। जिसे इस तरह से प्रचारित किया गया कि वे पार्टी के खिलाफ सड़क पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि अरुण यादव ने पीसीसी चीफ के सामने स्थिति स्पष्ट कर दी है। अब किसी तरह की विवाद की स्थिति नहंीं है।
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