
काठमांडू। डोकलाम और लद्दाख(Doklam and Ladakh) में भारतीय जमीन (Indian land) पर निगाह जमाया चीन (China) अब नेपाल(Nepal) की जमीन को भी कब्जे में लेना चाहता है। नेपाल सरकार की एक रिपोर्ट में चीन(China) पर पश्चिम नेपाल में अपनी साझा सीमा पर अतिक्रमण करने का चौंकाने वाला खुलासा किया गया है। इस रिपोर्ट को पिछले साल सितंबर में देश के पश्चिमी क्षेत्र स्थित हुमला में चीनी घुसपैठ (Chinese incursion) की खबरों के बाद तैयार किया गया था।
इस घुसपैठ के मामले में नेपाल-चीन सीमा (Nepal-China border) पर विवाद का अध्ययन करने के लिए गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में समिति भी गठित की गई। टीम ने विशेष तौर पर लिमी घाटी में सीमा स्तंभों का अध्ययन किया और प्रारंभिक निष्कर्षों ने पुष्टि की कि नेपाल और चीन में कुछ गंभीर सीमा मुद्दे हैं। उधर, नेपाल की हिंदू सिविक सोसाइटी व राष्ट्रीय एकता अभियान ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र में एक ज्ञापन भी सौंपा जिसमें कहा गया है कि चीन ने हुमला में उनकी भूमि पर कब्जा कर लिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से चीन के जमीन हथियाने पर ्ध्यान देने का आग्रह किया। एकता अभियान के चेयर परसन बिनय यादव ने काठमांडो में संयुक्त राष्ट्र के स्थानीय समन्वयक रिचर्ड हॉवर्ड को ज्ञापन सौंपा। नागरिक समाज संगठन ने नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार से इस बाबत कार्रवाई का भी आग्रह किया।
अभी नेपाल सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। नेपाल सरकार ने इस रिपोर्ट को तैयार तो कर लिया है लेकिन अभी तक उसने इसे प्रकाशित नहीं किया है। माना जा रहा है कि चीन के साथ रिश्ते खराब होने के डर से नेपाल सरकार रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से डर रही है।