वॉशिंगटन। ईरान युद्ध (Iran War) को लेकर अमेरिका की रिपब्लिकन पार्टी के भीतर मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। मिशिगन (Michigan) से रिपब्लिकन सीनेट (Republican Senate) उम्मीदवार माइक रोजर्स और आयोवा (Iowa) से सीनेट उम्मीदवार एश्ले हिंसन ने सोमवार को ईरान युद्ध को जल्द खत्म करने की मांग की। दोनों नेता इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान में सैन्य कार्रवाई से जुड़ी शक्तियों के समर्थन में रुख अपना चुके हैं।
दोनों नेताओं के ताजा बयान ऐसे समय आए हैं, जब युद्ध के बीच अमेरिका में गैसोलीन और डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं और नवंबर के मिड-टर्म चुनाव नजदीक हैं। हाल के दिनों में कुछ अन्य रिपब्लिकन सांसद भी ईरान में सैन्य कार्रवाई को लेकर ट्रंप से अलग रुख अपना चुके हैं।
एश्ले हिंसन ने युद्ध खत्म करने की मांग की
आयोवा की रिपब्लिकन सीनेट उम्मीदवार एश्ले हिंसन ने कहा कि आयोवा के लोगों को ईरान युद्ध की आर्थिक कीमत नहीं चुकानी चाहिए। उन्होंने तत्काल राहत के लिए गैसोलीन टैक्स निलंबित करने, डीजल के अमेरिकी निर्यात को अस्थायी रूप से रोकने, E-15 ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ाने और बायोडीजल टैक्स क्रेडिट बहाल करने जैसे कदमों का प्रस्ताव दिया।
हिंसन ने किसानों और ट्रक चालकों के लिए डीजल राहत कार्यक्रम शुरू करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि कीमतों को कम करने के लिए इन कदमों की जरूरत तुरंत है और युद्ध को सफलतापूर्वक तथा तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए।
यह रुख उनके पिछले मतदान से अलग है। रिपोर्टों के अनुसार, हिंसन पिछले सप्ताह तक ट्रंप की युद्ध संबंधी शक्तियों को सीमित करने वाले प्रस्तावों के खिलाफ मतदान कर चुकी थीं।
मिशिगन से रिपब्लिकन सीनेट उम्मीदवार माइक रोजर्स ने भी सोमवार को जारी अपने कैंपेन विज्ञापन में ईरान युद्ध को जल्द समाप्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म होने पर ऊर्जा की कीमतों में कमी आ सकती है, लेकिन तब तक मिशिगन के परिवार इंतजार नहीं कर सकते।
रोजर्स ने तत्काल राहत के लिए राज्य और संघीय गैसोलीन टैक्स को निलंबित करने तथा अमेरिकी डीजल के निर्यात पर अस्थायी रोक लगाने का प्रस्ताव रखा। उनका तर्क है कि घरेलू बाजार में अधिक डीजल उपलब्ध होने से किसानों और ट्रक चालकों को राहत मिल सकती है।
बढ़ती ईंधन कीमतें बनीं बड़ा मुद्दा
रिपब्लिकन नेताओं के रुख में बदलाव के बीच अमेरिका में ईंधन की कीमतें राजनीतिक मुद्दा बन रही हैं। रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिका में खुदरा डीजल की कीमत पहली बार छह डॉलर प्रति गैलन से ऊपर पहुंच गई है। वैश्विक स्तर पर भी ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने से डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची हैं।
रोजर्स और हिंसन के प्रस्तावों को लेकर डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वियों ने भी सवाल उठाए हैं। रोजर्स के प्रतिद्वंद्वी अब्दुल अल-सईद ने उनके रुख में बदलाव पर सवाल उठाया है। वहीं हिंसन के प्रतिद्वंद्वी जोश तुरेक ने कहा है कि जब युद्ध शक्तियों को सीमित करने के लिए मतदान का मौका था, तब हिंसन ने उस प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया था।
पहले भी ट्रंप से अलग हो चुके हैं रिपब्लिकन सांसद
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप से दूरी बनाने वाले रिपब्लिकन नेताओं में रोजर्स और हिंसन अकेले नहीं हैं। 15 सितंबर को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में ईरान से जुड़ी युद्ध शक्तियों को सीमित करने वाले प्रस्ताव पर सात रिपब्लिकन सांसदों ने डेमोक्रेट्स के साथ मतदान किया था। इनमें आयोवा के जैक नन और मैरियनेट मिलर-मीक्स भी शामिल थे। दोनों पहले ऐसे प्रस्तावों के खिलाफ मतदान कर चुके थे।
प्रतिनिधि सभा ने यह प्रस्ताव 220-204 के मत से पारित किया था। प्रस्ताव का उद्देश्य ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने के लिए राष्ट्रपति की शक्तियों पर कांग्रेस की मंजूरी की आवश्यकता को लागू करना था।
इस तरह ईरान युद्ध अब अमेरिका में केवल विदेश नीति और सैन्य कार्रवाई का मुद्दा नहीं रह गया है। बढ़ती ईंधन कीमतों, युद्ध की अवधि और आगामी मिड-टर्म चुनावों के बीच यह रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी बहस का विषय बनता जा रहा है।
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