
मुंबई। मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने एक सनसनीखेज मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की है। यह कार्रवाई एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार (Rohit Pawar) के उस दावे के बाद हुई है, जिसमें उन्होंने बताया था कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के नाम पर फर्जी आधार कार्ड (Fake Aadhaar Card) बनाया गया और उसका इस्तेमाल फर्जी वोटर रजिस्ट्रेशन (Voter Registration) में किया गया।
रोहित पवार ने 16 अक्तूबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाया था कि कैसे एक वेबसाइट पर फर्जी आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं और उनका इस्तेमाल फर्जी वोटरों को जोड़ने में किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया था कि यह तरीका चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है और बड़े पैमाने पर धांधली का संकेत देता है।
भाजपा की सोशल मीडिया सेल के सह-संयोजक धनंजय वागसकर ने इस वीडियो को एक यूट्यूब चैनल पर देखा, जहां इस संबंध में भाजपा के एक पदाधिकारी पर भी आरोप लगाए गए थे। इस पर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें कहा गया कि फर्जी वेबसाइट के जरिए फर्जी आधार कार्ड बनाना, जनता में गुस्सा और भ्रम फैलाने का प्रयास है और इससे सामाजिक सौहार्द को खतरा हो सकता है।
रोहित पवार ने आरोप लगाया था कि लोकसभा चुनावों में भाजपा गठबंधन (महायुति) को अनुकूल परिणाम न मिलने के बाद फर्जी वोटर जोड़ने, सच्चे वोटरों के नाम हटाने, और डबल रजिस्ट्रेशन जैसी गड़बड़ियां हुईं। उन्होंने कहा था, ‘कई जगह मृत मतदाताओं के नाम से वोट डाले गए। कुछ मतदाताओं के आधार कार्ड का इस्तेमाल दूसरे क्षेत्रों में दूसरे नाम और फोटो के साथ किया गया।’ रोहित पवार के अनुसार, 2019 से 2024 के बीच हर साल औसतन 6.5 लाख नए वोटर जोड़े गए, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनावों से लेकर छह महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनावों के बीच 48 लाख वोटर जुड़ गए, जो असामान्य रूप से ज्यादा है। अपने कारजत-जामखेड विधानसभा क्षेत्र में उन्होंने बताया कि 14,292 वोटर जोड़े गए, 5,360 नाम हटाए गए और 14,162 डुप्लीकेट नाम जोड़े गए।
वहीं पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह फर्जी वेबसाइट किसने बनाई, और इसका उपयोग किस उद्देश्य से किया गया। फिलहाल मामले की जांच साइबर पुलिस द्वारा जारी है।
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