
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने आज भोपाल (Bhopal) में मध्य प्रदेश स्तरीय ‘पंचायत सचिव सम्मेलन’ (Panchayat Secretary Conference) को संबोधित किया. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का स्मरण करते हुए कहा कि सच्चे अर्थों में भारत की आत्मा गांवों में बसती है. अगर देश का विकास करना है तो गांवों को विकसित करें, तो देश अपने आप आगे बढ़ता चला जाएगा. इसी उद्देश्य से मध्य प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्र के साथ ग्रामीण अंचलों में उद्योग स्थापित करने का संकल्प लिया है. उन्होंने कहा कि हमारे गांव ही स्वावलंबी भारत की नींव हैं. राज्य सरकार पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से सभी क्षेत्रों में कार्य कर रही है.
मध्य प्रदेश के किसानों की समृद्धि और ग्रामीण विकास को गति प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने साल 2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है. इसमें 16 अलग-अलग विभागों को शामिल किया गया है. कृषि कल्याण वर्ष में खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन और लघु-कुटीर उद्योग सहित सभी विभागों की योजनाओं का लाभ पंचायत हितग्राहियों को मिलेगा. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी पंचायती राज व्यवस्था में पंचायत सचिव जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की धुरी हैं.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत सचिवों के सेवाकाल की आयु सीमा 62 वर्ष निर्धारित की गई है. उनके लिए 7वें वेतनमान के आदेश जारी किए जा चुके हैं. पंचायत सचिवों को विशेष भत्ते का भी लाभ दिया जाएगा. सेवाकाल में पंचायत सचिव की मृत्यु होने पर परिवार को दी जाने वाली डेढ़ लाख रुपए की आकस्मिक सहायता राशि अनुकंपा नियुक्ति के बाद वापस नहीं ली जाएगी. उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवों के वेतनमान और अन्य सेवा शर्तों के लिए कमेटी बनाकर विचार किया जाएगा.
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