
कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) के उत्तर 24 परगना जिले (North 24 Parganas district) में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई, जिसके बाद परिवार ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची (Electoral Roll) के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) (Special intensive revision- SIR) कवायद को लेकर चिंता के कारण उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। यह जानकारी पुलिस ने बुधवार को दी।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मृतक की पहचान सहर अली मंडल के रूप में हुई है। अधिकारी ने बताया कि वह एक परिवार के पांच सदस्यों में से एक थे, जिन्हें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत बुधवार को सुनवाई के लिए नोटिस मिला था।
उन्होंने बताया कि यह घटना मंगलवार रात हारोआ के पूर्व मदारतला गांव में घटी। परिवार के सदस्यों का दावा है कि नोटिस मिलने के बाद से ही मंडल गंभीर मानसिक तनाव में थे, उन्हें मतदाता सूची में अपने बेटों के नामों की स्थिति और संभावित कानूनी या प्रशासनिक जटिलताओं की चिंता सता रही थी।
यह घटना एक राजनीतिक विवाद में तब्दील हो गई है, जिसमें सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर फैले भय के कारण राज्य भर में कई मौतें हुई हैं। तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय पंचायत सदस्य स्वपन मंडल ने एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निर्वाचन आयोग के माध्यम से इस प्रक्रिया का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए एसआईआर प्रक्रिया और मौत के बीच किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया।
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