
नई दिल्ली। हरिद्वार(Haridwar) में गंगा घाटों(Ghats of the Ganges in Haridwar) पर रोक के बाद गंगोत्री धाम(Gangotri Dham) में गैर हिंदुओं(Non-Hindus) के प्रवेश पर रोक लगा दी गई(Entry has been restricted) है। श्री गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने बताया कि सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया है। बदरीनाथ और केदारनाथ में भी जल्द ऐसी तैयारी।
गंगोत्री धाम(Gangotri Dham) में गैर हिंदुओं(Non-Hindus) के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। श्री गंगोत्री मंदिर समिति(Shri Gangotri Temple Committee) के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल(Chairman Suresh Semwal) ने बताया कि सर्वसम्मति(Unanimity) से यह फैसला लिया गया है। इसके साथ ही श्री बदरीनाथ केदारनाथ(Shri Badrinath Kedarnath) मंदिर समिति(Temple Committee) (बीकेटीसी) की अगली बोर्ड बैठक में बदरीनाथ(Badrinath at the board meeting), केदारनाथ(Kedarnath) में भी गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव लाया जाएगा। अब यह मांग उत्तराखंड के अन्य धार्मिक स्थलों तक भी पहुंच गई है।
हरिद्वार (Haridwar) में गंगा घाटों पर गैर हिंदुओं(Non-Hindus at the Ganges ghats) के प्रवेश पर प्रतिबंध(restrictions के बाद अन्य धार्मिक स्थानों पर भी प्रतिबंध की मांग बढ़ने लगी है। हरिद्वार में सरकार की ओर से पहले ही गंगा घाटों, हर की पैड़ी क्षेत्र समेत अन्य प्रमुख स्थलों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। धार्मिक संस्थाओं ने सरकार से पूरे कुंभ क्षेत्र में ही गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। सेमवाल ने बताया कि कि गंगोत्री धाम के साथ ही शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा में भी गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित रहेगा। इसके लिए मंदिर समिति ने फैसला लिया है। बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि उनके बोर्ड से प्रस्ताव मंजूर कराने के बाद शासन, सरकार के समक्ष भी इस प्रस्ताव को लेकर जाया जाएगा।
गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाना ऐतिहासिक फैसला’
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का कहना है कि सरकार की ओर से हर की पैड़ी में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री धामी की ओर से लिए गए इस ऐतिहासिक फैसले को बदरी केदार धाम में भी लागू कराया जाएगा। इसके लिए जल्द बोर्ड में प्रस्ताव लाकर इसे मंजूर कराया जाएगा।
पवित्र धाम हमारी आस्था के धाम हैं : धामी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पवित्र धाम हमारी आस्था के धाम हैं। यहां पौराणिक मान्यता, संस्कृति के हिसाब से ही काम होगा। मंदिर समिति, तीर्थ पुरोहित की मांग पर सरकार काम करेगी। हरिद्वार के गंगा घाटों को लेकर वहां के पुराने एक्ट का अध्ययन करते हुए आगे फैसला लिया जाएगा। बीकेटीसी से कोई प्रस्ताव आता है, तो सरकार सभी पहलुओं को देखते हुए आगे फैसला लेगी। सरकार सनातन धर्म की आस्था के केंद्रों की पवित्रता को बनाए रखने को हर संभव प्रयास करेगी और जरूरी ठोस कदम उठाएगी।
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