नई दिल्ली। एआई समिट (AI Summit) के दौरान यूथ कांग्रेस के शर्टलेस विरोध प्रदर्शन (Shirtless Protest) को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने मेरठ से इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे विपक्ष की “गंदी और नग्न राजनीति” करार दिया और कहा कि ऐसी हरकतों से देश की छवि विदेशी मेहमानों के सामने खराब हुई है।
मेरठ से पीएम का हमला
मेरठ में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी वैचारिक रूप से कमजोर हो चुकी है और ध्यान आकर्षित करने के लिए इस तरह के तरीकों का सहारा ले रही है।
प्रधानमंत्री के बयान के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से जवाबी हमला किया गया। भारतीय युवा कांग्रेस के नेताओं, जिनमें श्रीनिवास बीवी भी शामिल हैं, ने हरियाणा सरकार के मंत्री अनिल विज की एक पुरानी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की।
पोस्ट में सवाल उठाया गया कि यदि टी-शर्ट उतारकर किया गया विरोध “नग्नता” है, तो इस तस्वीर को क्या कहा जाएगा।
क्या था पूरा मामला?
एआई समिट के अंतिम दिन कुछ यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और शर्ट उतारकर विरोध जताने लगे। वे टी-शर्ट लहराते हुए नारे लगा रहे थे। इसके बाद मौके पर पहुंची दिल्ली पुलिस ने चार प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में पुलिस कस्टडी में भेजा गया।
विपक्ष के भीतर भी मतभेद
इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के भीतर भी अलग-अलग राय देखने को मिली। अखिलेश यादव ने प्रदर्शन के तरीके को उचित नहीं बताया, हालांकि उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना भी की।
वहीं बाबुल सुप्रियो ने कहा कि घरेलू राजनीति देश की प्रतिष्ठा की कीमत पर नहीं होनी चाहिए। उनकी पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने भी विरोध के तरीके पर आपत्ति जताई।
बहस का नया मुद्दा बना विरोध का तरीका
घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में विरोध की मर्यादा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सार्वजनिक मंचों पर प्रदर्शन की सीमाओं को लेकर बहस तेज हो गई है। माना जा रहा है कि यह विवाद आने वाले समय में सत्ता और विपक्ष के बीच नए राजनीतिक टकराव का मुद्दा बन सकता है।
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