
नई दिल्ली: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Iran’s Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei) की आधिकारिक वेबसाइट english.khamener.ir पर एक ईरानी अखबार का आर्टिकल शेयर किया गया है. वेबसाइट पर इस आर्टिकल को अपलोड करते हुए शीर्षक में लिखा गया है, ‘दुश्मन के हमले की स्थिति में ईरान की रणनीति क्या होगी?’ सदा-ए-ईरान अखबार के संपादकीय में इस सवाल का जवाब दिया गया है. इसमें अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी गई है और कहा गया है कि यदि भविष्य में कोई नया संघर्ष हुआ तो वह केवल सीमित दायरे में नहीं रहेगा, बल्कि कई मोर्चों पर फैलेगा.
अमेरिकी नागरिक दुनिया में कहीं भी नहीं रहेंगे सुरक्षित
इस आर्टिकल में कहा गया है कि ऐसे युद्ध में पहले से तय सभी रेड लाइंस पूरी तरह बदल जाएंगी और युद्ध का मैदान पहले से और भी ज्यादा बड़ा होगा. साथ ही आर्टिकल में यह भी कहा गया है कि अगर अमेरिका की आक्रामकता ईरानी जमीन और उसके बच्चों तक पहुंची तो फिर अमेरिकी नागरिक पूरी दुनिया में कहीं भी सुरक्षित नहीं रहेंगे.
ईरानी अखबार के इस आर्टिकल में यह भी याद दिलाया गया है कि हाल ही में हुए 12-दिवसीय युद्ध के दौरान ईरान के क्षेत्रीय सहयोगियों ने प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं किया था और इस्लामिक रिपब्लिक ने अकेले ही ‘जायोनिस्ट और अमेरिकी आक्रमणकारियों’ का सामना किया. ईरान ने चेतावनी दी कि किसी भी संभावित नए टकराव में दुश्मन को एक नहीं, बल्कि कई अलग-अलग और विविध मोर्चों का सामना करना पड़ेगा. ये मोर्चे अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों और संघर्ष क्षेत्रों में सक्रिय होंगे, जिससे युद्ध का दायरा और असर दोनों कहीं ज्यादा व्यापक हो जाएंगे. इस बीच ईरान ने अपने मिसाइल प्रोग्राम और खतरनाक परमाणु महत्वकांक्षाओं को लेकर ट्रंप के दावों को खारिज कर दिया और इन्हें झूठ करार दिया है.
पेशेवर झूठे लोग…- इस्माइल बाकी
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकी ने X पर पोस्ट किया, ‘पेशेवर झूठे लोग सच का भ्रम पैदा करने में माहिर है. झूठ को बार-बार बोलने से वह सच बन जाता है. यह नाजी जोसेफ गोएबल्स की प्रोपगेंडा थियरी है. अब अमेरिकी प्रशासन और उसके आसपास मंडरा रहे युद्ध से लाभ लेने वाले, विशेष रूप से नरसंहार करने वाली इजरायली सरकार, ईरान के खिलाफ अपने भयावह दुष्प्रचार को अंजाम देने के लिए इसका व्यवस्थित रूप से उपयोग कर रहे हैं. ईरान के परमाणु कार्यक्रम, ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों और जनवरी में हुए प्रदर्शनों में हुई मौतों की संख्या के संबंध में वे जो भी आरोप लगा रहे हैं, वह महज झूठ की पुनरावृत्ति है. किसी को भी इन दावों से मूर्ख नहीं बनना चाहिए.’
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