नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी इजरायल-ईरान संघर्ष सातवें दिन और तीव्र हो गया है। इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ जमीनी युद्ध (Ground war against Iran) की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उसकी नौसैनिक क्षमता लगभग खत्म हो चुकी है।
रिपोर्टों के अनुसार, Tehran ने Azerbaijan और Qatar में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए नए हमले किए हैं। इसके साथ ही ईरान ने चेतावनी दी है कि हिंद महासागर में उसके युद्धपोत को टॉरपीडो से डुबोने की कार्रवाई का अमेरिका को “पछतावा” होगा। इसी दौरान एक धार्मिक नेता द्वारा ट्रंप के “खून” की मांग करने वाला बयान भी सामने आया, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
उधर, Israel Defense Forces ने बताया कि पिछले 24 घंटों में Lebanon में ईरान समर्थित संगठन Hezbollah के करीब 80 ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके अलावा ईरान के भीतर लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च साइट्स समेत कई सैन्य प्रतिष्ठानों पर भी हमले किए गए।
इसी बीच एक बड़ी घटना में अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा दागे गए टॉरपीडो से Sri Lanka के तट के पास ईरान का एक युद्धपोत डूब गया। इस हादसे में कम से कम 87 लोगों की मौत की खबर है, जबकि करीब 32 लोगों को बचाकर दक्षिणी शहर Galle के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि संबंधित युद्धपोत “शांत तरीके से डूब गया।”
तनाव के बीच Kuwait के पास खाड़ी क्षेत्र में एक तेल टैंकर में भी जोरदार विस्फोट हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक जहाज के बाईं ओर बड़ा धमाका हुआ, जिसके बाद उसमें पानी भरने लगा। जहाज के कप्तान ने बताया कि धमाके के तुरंत बाद एक छोटी नाव को उस इलाके से दूर जाते हुए देखा गया।
यह घटना Mubarak Al‑Kabeer Port से लगभग 30 नॉटिकल मील (करीब 56 किमी) दक्षिण-पूर्व में हुई। लगातार बढ़ते हमलों और घटनाओं के चलते पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
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