
नई दिल्ली. पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच गुजरात (Gujarat) के कांडला बंदरगाह (Kandla Port) की ओर जा रहे एक जहाज (Ship) पर हमला हुआ है। भारत सरकार ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और कहा है कि किसी भी हालत में व्यापारिक जहाजों और आम नागरिकों की जान को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि पहले भी ऐसे हमलों में भारतीय नागरिकों समेत कई लोगों की जान जा चुकी है और अब इन हमलों की गंभीरता और बढ़ती दिखाई दे रही है।
थाईलैंड के झंडे वाला मालवाहक जहाज पर हमला
जिस जहाज पर हमला हुआ उसका नाम मयूरी नरे है। यह एक थाईलैंड के झंडे वाला मालवाहक जहाज है जो गुजरात के कांडला पोर्ट की ओर जा रहा था। जहाज संयुक्त अरब अमीरात के खलीफा पोर्ट से रवाना हुआ था और जब वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था, तभी उस पर दो अज्ञात प्रोजेक्टाइल (मिसाइल जैसे हथियार) से हमला हुआ। हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई और भारी नुकसान हुआ।
हमले के बाद जहाज के तीन क्रू सदस्य लापता
जहाज की संचालन कंपनी प्रेशियस शिपिंग के अनुसार, इस घटना में तीन क्रू सदस्य लापता हैं और आशंका है कि वे इंजन रूम में फंस गए होंगे। वहीं 20 अन्य क्रू सदस्यों को समुद्र से सुरक्षित बचा लिया गया है, क्योंकि उन्हें जहाज छोड़कर पानी में कूदना पड़ा। बाद में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बयान जारी कर कहा कि उन्होंने ही इस जहाज पर हमला किया था। उनका कहना है कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में इस जहाज को अपने प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया।
30 हजार टन क्षमता वाला है मालवाहक जहाज
थाईलैंड की नौसेना के मुताबिक हमले के बाद जहाज से भारी धुआं निकलता देखा गया। फिलहाल लापता क्रू सदस्यों की तलाश जारी है और हमले के कारणों की जांच की जा रही है। यह जहाज लगभग 178 मीटर लंबा और करीब 30 हजार टन क्षमता वाला मालवाहक जहाज है। भारत ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा है कि व्यापारिक जहाजों पर हमले रोकने चाहिए और नागरिकों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
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