वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिन के लिए टालते हुए बड़ा संकेत दिया है कि अमेरिका पर्दे के पीछे बातचीत की कोशिश कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि वार्ता किसी “शीर्ष और सम्मानित” ईरानी नेता से हो रही है, लेकिन उन्होंने नाम उजागर नहीं किया। इस बयान के बाद यह अटकलें तेज हो गईं कि आखिर वह नेता कौन है जिससे अमेरिका संपर्क में है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी रणनीतिक हलकों में (Mohammad Bagher Ghalibaf) का नाम चर्चा में है। माना जा रहा है कि वॉशिंगटन उन्हें संभावित साझेदार के रूप में देख रहा है, जो भविष्य में ईरान की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं। कुछ सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी अधिकारी उन्हें ऐसे व्यक्ति के तौर पर देख रहे हैं जो संघर्ष के अगले चरण को आकार देने में मदद कर सकते हैं और संवाद की राह खोल सकते हैं।
ट्रंप के बयान से बढ़ा सस्पेंस
ट्रंप ने Palm Beach International Airport पर पत्रकारों से बातचीत में यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी “दूसरे सर्वोच्च नेता” से बात नहीं कर रहा। इसे Mojtaba Khamenei की ओर इशारा माना गया, जो Ali Khamenei के बेटे हैं। ट्रंप ने कहा, “हम एक ऐसे व्यक्ति से बात कर रहे हैं जो बहुत सम्मानित हैं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरानी नेतृत्व की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
अमेरिका की रणनीति क्या?
Politico की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के अधिकारी यह परख रहे हैं कि क्या कालीबफ भविष्य के संभावित पार्टनर बन सकते हैं। अमेरिकी रणनीति सिर्फ सैन्य दबाव तक सीमित न रहकर राजनीतिक संवाद के जरिए लाभ हासिल करने की बताई जा रही है। हालांकि प्रशासन अभी कई विकल्पों पर विचार कर रहा है और कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
कालीबफ ने किया इनकार
इस बीच कालीबफ ने अमेरिका से किसी भी बातचीत से इनकार किया है। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ कोई वार्ता नहीं हुई है और यह “फेक न्यूज” है। साथ ही ईरान की ओर से भी अमेरिका के साथ बातचीत की खबरों को खारिज कर दिया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम ने संकेत दिया है कि सैन्य तनाव के बीच पर्दे के पीछे कूटनीतिक हलचल तेज है, लेकिन बातचीत को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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