
जहानाबाद: बिहार के जहानाबाद जिले से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है. यहां कनौदी स्थित ‘गुरुकुल पब्लिक स्कूल’ के हॉस्टल में रह रहे महज पांच साल के मासूम बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में गला काटकर हत्या कर दी गई. इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मृतक की पहचान बुलाकी बिगहा गांव निवासी धनंजय कुमार के पुत्र आशू कुमार (5 वर्ष) के रूप में हुई है.
परिजनों के मुताबिक, मासूम आशू को महज 10 दिन पहले ही बेहतर भविष्य और पढ़ाई के लिए इस निजी विद्यालय के हॉस्टल में दाखिल कराया गया था. उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि जिस स्कूल को उन्होंने सुरक्षित समझा था, वही उनके कलेजे के टुकड़े की कब्रगाह बन जाएगा.
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन स्कूल पहुंचे, जहां बच्चा लहूलुहान स्थिति में मिला. उसकी गर्दन पर धारदार हथियार के गहरे निशान थे. आनन-फानन में उसे गंभीर हालत में इलाज के लिए पीएमसीएच (PMCH) पटना ले जाया जा रहा था, लेकिन घाव इतना गहरा था कि मासूम ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. बच्चे की मौत की खबर मिलते ही ग्रामीण और परिजन उग्र हो गए.
आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में जमकर तोड़फोड़ और हंगामा किया. इसके बाद सैकड़ों की संख्या में लोगों ने स्कूल के समीप पटना-गया मुख्य सड़क मार्ग (NH-22) को जाम कर दिया. सड़क जाम होने से घंटों तक आवागमन बाधित रहा. सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद लोगों को समझा-बुझाकर जाम हटवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा.
हैरानी की बात यह रही कि मामले की संवेदनशीलता के बावजूद जहानाबाद सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) मनीष चंद्र चौधरी ने मीडिया से बात करने से साफ इनकार कर दिया. उन्होंने गैर-जिम्मेदाराना लहजे में कहा कि “इस तरह की घटनाओं पर मैं कुछ नहीं बोलता, सीधे एसपी से बात करें, ब्रीफ करना मेरा काम नहीं है.”
फिलहाल पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है, लेकिन हॉस्टल के भीतर एक छोटे बच्चे की गला काटकर हत्या ने स्कूल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
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