
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद (Congress MPs) विशेष सत्र के दौरान (During Special Session) अनिवार्य रूप से सदन में उपस्थित रहें (Must be Present in the House) ।
संसद के विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को लोकसभा में अपने सांसदों के लिए तीन-लाइन का व्हिप जारी किया। इसमें सांसदों से 16 से 18 अप्रैल तक संसद में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। कांग्रेस ने अपने नोटिस में कहा, “6, 17 और 18 अप्रैल को लोकसभा में चर्चा और मतदान के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए जाएंगे। लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के सभी सदस्यों से अनुरोध है कि वे 16, 17 और 18 अप्रैल को सुबह 11 बजे से सदन के स्थगित होने तक अनिवार्य रूप से सदन में उपस्थित रहें और पार्टी के रुख का समर्थन करें।” इससे पहले, सत्तारूढ़ भाजपा और सहयोगी पार्टी जदयू अपने सांसदों के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी कर चुकी हैं।
बता दें कि 16 अप्रैल से संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है। इस सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023’ में संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। कांग्रेस ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में संशोधन पेश करने के समय को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठा रही है। सोमवार को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जाति जनगणना को टालने और पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, जिस तरह और जिस समय संसद का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है, उससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि इस समय असली मुद्दा महिला आरक्षण नहीं, बल्कि परिसीमन है। उन्होंने अपने एक लेख में लिखा, “महिला आरक्षण की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में असली चिंता, जल्दबाजी में किए गए परिसीमन से उत्पन्न होने वाले जोखिम और असमानताएं हैं।” सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि परिसीमन की कोई भी प्रक्रिया, जिसमें लोकसभा की सदस्य संख्या में वृद्धि शामिल हो, उसे केवल गणितीय रूप से ही नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी न्यायसंगत होना चाहिए।
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