नई दिल्ली। बॉलीवुड सुपरस्टार (Bollywood superstar)अक्षय कुमार(Akshay Kumar) ने एक इंटरव्यू(interview) में अपने बचपन(childhood) से जुड़ा एक ऐसा किस्सा साझा किया, जिसे वह आज भी एक आध्यात्मिक अनुभव मानते हैं। यह घटना उनके जन्म और माता-पिता की वैष्णो देवी यात्रा से जुड़ी है, जिसे वे एक तरह का “चमत्कार” बताते हैं।
माता-पिता की मन्नत से हुआ था अक्षय का जन्म
अक्षय कुमार के मुताबिक, उनके माता-पिता ने माता वैष्णो देवी के दरबार में संतान की मन्नत मांगी थी। उन्होंने प्रार्थना की थी कि उन्हें एक बच्चा मिले और कहा था कि वह बच्चा थोड़ा शरारती स्वभाव का हो। इस मन्नत के कुछ समय बाद ही अक्षय कुमार का जन्म हुआ।
एक साल बाद फिर वैष्णो देवी पहुंचे थे माता-पिता
अक्षय ने बताया कि जब वह लगभग एक साल के थे, तो उनके माता-पिता माता वैष्णो देवी का आभार व्यक्त करने के लिए दोबारा कटरा यात्रा पर गए। लेकिन इसी यात्रा के दौरान एक ऐसी घटना घटी, जिसने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया।
बुखार और बेहोशी की हालत में पहुंचा बच्चा
कटरा पहुंचते ही अक्षय कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तेज बुखार हो गया, जो 103 से बढ़कर 104 डिग्री तक पहुंच गया। उस समय क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाएं भी सीमित थीं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। डॉक्टरों ने तक सलाह दी कि बच्चे को तुरंत दिल्ली ले जाया जाए।
मां के विश्वास ने बदली कहानी
हालात बेहद चिंताजनक होने के बावजूद अक्षय की मां ने यात्रा रोकने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर माता रानी ने यह बच्चा दिया है, तो वही उसे संभालेंगी। परिवार ने यात्रा जारी रखी और मंदिर तक पहुंचा।
मंदिर में हुआ बदलाव, जिसे बताया चमत्कार
अक्षय के अनुसार, मंदिर में पूजा और दर्शन के दौरान ही उनकी तबीयत में अचानक सुधार होने लगा। जब एक व्यक्ति ने उनके पिता से कहा कि बच्चा मुस्कुरा रहा है, तो परिवार ने देखा कि सच में उनके चेहरे पर मुस्कान आ गई थी। बुखार भी अचानक सामान्य हो गया।