
नई दिल्ली । दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग (South Korean President Lee Jae Myung) ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की जीवन यात्रा से (By the life journey of President Draupadi Murmu) मैं बहुत प्रेरित हुआ (I am deeply Inspired) ।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आतिथ्य से गदगद हुए। सोमवार रात राजकीय भोज का आयोजन राष्ट्रपति भवन में किया गया था। ली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक तस्वीर के साथ लंबे चौड़े पोस्ट में अपनी भारतीय समकक्ष की जीवन यात्रा को प्रेरक बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि सोमवार शाम, भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से आयोजित रात्रिभोज में शामिल होकर मैंने अच्छा समय बिताया। ली ने राष्ट्रपति मुर्मू के जीवन का संक्षिप्त वर्णन करते हुए आगे लिखा, “मैं राष्ट्रपति मुर्मू की जीवन यात्रा से बहुत प्रेरित हुआ—एक ऐसी यात्रा जो सामाजिक बाधाओं और व्यक्तिगत कठिनाइयों पर विजय पाने और स्वयं को अपने समुदाय तथा वंचितों की सेवा के लिए समर्पित करने की कहानी है। मैं यह महसूस कर सका कि आज भारत जिस आत्मविश्वास का प्रदर्शन करता है, वह सीधे तौर पर राष्ट्रपति के साहस और दूरदृष्टि का परिणाम है।”
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों में संभावनाएं असीम हैं। उन्होंने उम्मीद जताई, “भविष्य में, हम राजनीति और अर्थशास्त्र के दायरे से आगे बढ़कर, एक-दूसरे के दृढ़ भागीदार के रूप में आगे बढ़ेंगे और मिलकर एक साझा भविष्य का निर्माण करेंगे।” अपनी पोस्ट के आखिर में उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मू और भारत की जनता के आत्मीय आतिथ्य के लिए गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए हिंदी में ‘धन्यवाद’ लिखा।
इससे पहले राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से एक्स पर एक वीडियो क्लिप पोस्ट की गई। इसमें आतिथ्य सत्कार और राजकीय भोज की झलक है। दोनों राष्ट्राध्यक्षों का संबोधन, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दिखती है। बता दें, कि भारत दौरे पर आए दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से विशेष मुलाकात की। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने ली जे-म्युंग का राष्ट्रीय राजधानी में भव्य स्वागत किया। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत दक्षिण कोरिया के साथ एआई, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में व्यापार और सहयोग बढ़ाने के लिए तत्पर है। दोनों देश हरित तकनीक और औद्योगिक साझेदारी को मजबूत कर युवाओं के लिए नए अवसर बनाने और 2030 तक व्यापार बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।
भारत की अपनी पहली यात्रा पर राष्ट्रपति म्युंग का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत-कोरिया द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, विशेष रूप से ‘कोरिया-भारत संसदीय मैत्री समूह’ के अध्यक्ष के रूप में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के रूप में उनके कार्यकाल के पहले वर्ष के भीतर ही यह यात्रा हमारे संबंधों को दिए जाने वाले उनके महत्व को दर्शाती है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और कोरिया दोनों ही जीवंत लोकतंत्र हैं जो समान मूल्यों को साझा करते हैं। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि भारत की संसद में हाल ही में ‘भारत-कोरिया संसदीय मैत्री समूह’ का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय संसद और कोरियाई नेशनल असेंबली के बीच संवाद और आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। इससे आपसी समझ और विश्वास और अधिक मजबूत होंगे।
राष्ट्रपति ने कहा, यह जानकर खुशी हुई कि दोनों पक्षों ने जहाज निर्माण, बंदरगाह विकास, डिजिटल सहयोग, लघु और मध्यम उद्यम, इस्पात, शिक्षा, अनुसंधान, संस्कृति और लोगों से लोगों के बीच संपर्क सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के लिए महत्वाकांक्षी कार्यक्रम निर्धारित किया है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्षों ने ‘व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते’ (सीईपीए) पर वार्ता फिर से शुरू करने के लिए संयुक्त घोषणा को अपनाया है। उन्होंने कहा कि भारत पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार संबंधों को आगे बढ़ाने और एआई, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वच्छ ऊर्जा, सेवाओं और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में कोरिया के साथ सहयोग को मज़बूत करने के लिए तत्पर है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के पास कौशल, गति और व्यापक संभावनाएं हैं, जबकि कोरिया के पास हाई-टेक विनिर्माण में विशेषज्ञता है। अपनी ताकतों को मिलाकर हम अपने युवाओं के लिए अनगिनत अवसर सृजित कर सकते हैं। भारत और कोरिया को मानवता के लिए स्थायी भविष्य सुनिश्चित करने के लिए हरित और स्वच्छ ऊर्जा के साथ ही अन्य जलवायु प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग के अवसरों की तलाश करनी चाहिए।
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