
डेस्क। शुभेंदु अधिकारी ने अपने पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या का आरोप टीएमसी पर लगाया है। उन्होंने कहा कि मैने पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को हरा दिया, इसलिए उन्होंने मेरे सहयोगी चंद्रनाथ रथ को मार दिया। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द गुनहगारों को पकड़ा जएगा।
पुलिस ने वह बाइक बरामद कर ली है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर हमलावरों ने किया था। इस बाइक को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना स्थित मध्यमग्राम पुलिस थाने लाया गया है। सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि हमालवरों ने बहुत नजदीक से उन्हें गोली मारी है। जो भी हमलावर से उन्हें अच्छे से पता थी कि कहां गोली मारने से उनका तुरंत मौत दो जाएगी। अधिकारी ने बताया उनके शरीर से चार गोली निकली। यह हत्या पूरी तरह से नियोजन करके की गई है।
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम में बुधवार रात यह वारदात हुई। चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना को लेकर चश्मदीदों ने कई गंभीर खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि यह हमला पूरी तरह सोची-समझी साजिश थी। हमलावर 4 से 5 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए थे। उन्होंने चंद्रनाथ की कार का पीछा किया और दोहारिया इलाके में उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की।
चंद्रनाथ रथ भारतीय वायुसेना में सेवा देने के बाद भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद राजनीतिक सहयोगियों में से एक बन गए थे। 41 वर्षीय रथ मूल रूप से पूर्वी मेदिनीपुर जिले के चांदपुर के रहने वाले थे। यह वह राजनीतिक क्षेत्र था, जिसने बंगाल की राजनीति में शुभेंदु अधिकारी के उदय को आकार दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, शांत स्वभाव और चर्चाओं से दूर रहने वाले रथ, वर्षों से अधिकारी के करीबी समूह का हिस्सा होने के बावजूद बड़े पैमाने पर जमीन पर काम करते रहे।
सक्रिय राजनीतिक संगठनात्मक ढांचे में आने से पहले रथ ने रहरा राम कृष्ण मिशन से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद भारतीय वायुसेना में लगभग दो दशक बिताए थे। परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि उन्होंने एक बार आध्यात्मिक जीवन पर विचार किया था और छात्र जीवन के दौरान रामकृष्ण मिशन के सिद्धांतों से वे काफी प्रभावित थे।
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