
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री (PM) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने देशवासियों से एक साल तक सोना (Gold) नहीं खरीदने की अपील की थी. पीएम मोदी ने 24 घंटे के भीतर अपनी इस अपील को दोहराया भी था. अब मोदी सरकार इसे लेकर एक्शन मोड में आ गई है. सरकार ने सोने के साथ ही चांदी पर भी कस्टम ड्यूटी (custom duty) बढ़ा दी है. सरकार के इस कदम से अब सोना-चांदी और अन्य कीमती धातुओं का आयात महंगा होगा.
सोना और चांदी पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर सरकार ने अब 15% कर दिया है. सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर 10 प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी लगाई है. इस पर 5 प्रतिशत सेस लगाया है. एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस मिलाकर कस्टम ड्यूटी 15 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गया है.
इससे संबंधित आदेश सरकार की ओर से जारी कर दिया गया है. मोदी सरकार के इस कदम को सोने का आयात कम करने, गिरते रुपये को संभालने और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने की कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है. कस्टम ड्यूटी में इस इजाफे से भारत में सोने-चांदी और अन्य कीमती धातुओं की मांग पर असर पड़ सकता है.
भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ताओं में से एक है. हालांकि, अधिकारियों ने सरकार के इस कदम पर चिंता जताते हुए कहा है कि कस्टम ड्यूटी बढ़ाने से कीमती धातुओं की स्मगलिंग बढ़ सकती है. अधिकारियों का तर्क है कि साल 2024 के बदा से स्मगलिंग के मामलों में कमी आई थी. गौरतलब है कि भारत सरकार ने साल 2024 के बजट में सोने-चांदी और अन्य कीमती धातुओं पर कस्टम ड्यूटी में बड़ी कटौती की थी.
भारत सरकार ने तब सोने-चांदी और अन्य कीमती धातुओं पर कस्टम ड्यूटी 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दिया था. सरकार के इस कदम के बाद सोना-चांदी के आयात में रिकॉर्ड इजाफा देखने को मिला था. अब ताजा फैसले के बाद कस्टम ड्यूटी फिर से 2024 के बजट से पहले वाले स्तर पर पहुंच गया है.
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