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समाधान योजना, मालवा-निमाड़ के 9.62 लाख उपभोक्ताओं को मिली 42.20 करोड़ की छूट

May 17, 2026

कंपनी के सामने चुनौती… हर महीने बिल जमा नहीं करने वालों की हो रही बत्ती गुल तो फिर इतनी बड़ी संख्या में बकायादार कैसे!

इन्दौर। मध्य प्रदेश (MP) शासन (Government) के निर्देश पर पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (Western Region Electricity Distribution Company) द्वारा पिछले 8 महीनों से चलाई जा रही विशेष समाधान योजना (Samadhan Scheme) का समापन हो गया है। इस पूरी अवधि में मालवा-निमाड़ क्षेत्र के लाखों उपभोक्ताओं ने सरकार की इस राहत योजना का भरपूर लाभ उठाया। 15 मई को अंतिम तिथि तक कंपनी क्षेत्र के कुल 9 लाख 62 हजार उपभोक्ताओं ने अपने बरसों पुराने बकाया बिजली बिलों पर सरचार्ज (अधिभार) माफी का फायदा लिया। इन उपभोक्ताओं को कुल मिलाकर करीब 42.20 करोड़ रुपए से अधिक की बड़ी छूट दी गई है।



  • बिजली कंपनी के इन आंकड़ों ने एक बड़े विरोधाभास को भी सामने ला दिया है। अमूमन देखा जाता है कि जो उपभोक्ता हर महीने नियमित बिल जमा नहीं करते, बिजली कंपनी तत्काल कार्रवाई करते हुए उनकी बत्ती गुल कर देती हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि जब चालू महीनों के बिलों पर इतनी कड़ाई की जाती है, तो इतनी बड़ी संख्या में उपभोक्ता बकायादारों की सूची में कैसे बने रह गए। इसमें विभाग के अंदर अगर जांच होती है तो कुछ नई बातें जरूर सामने आएंगी। वास्तव में बिजली कंपनी के इस बड़े आंकड़े में अधिकांश ऐसे मामले शामिल थे, जो आम दिनों की सामान्य बिजली कटौती से अलग थे। इनमें लंबे समय से अदालती मामलों या आपसी विवादों में उलझे बिल, स्थायी रूप से कट चुके कनेक्शन और कोरोना काल के दौरान जमा हुआ वह भारी-भरकम एरियर शामिल था, जिसे उपभोक्ता अत्यधिक सरचार्ज (ब्याज) लग जाने के कारण चुका नहीं पा रहे थे। आम दिनों में हर महीने होने वाली विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई चालू लाइनों पर होती है, जबकि सरकार की इस समाधान योजना का मुख्य फोकस बरसों पुराने और ठंडे बस्ते में पड़े वित्तीय बोझ को निपटाना था।

    इंदौर और खरगोन जिलों के उपभोक्ता रहे सबसे आगे
    आंकड़ों के लिहाज से सरकार की इस योजना का लाभ उठाने में इंदौर जिला पूरे संभाग में शीर्ष पर रहा। इंदौर के करीब 1 लाख 1 हजार उपभोक्ताओं को 6.5रु करोड़ की रियायत मिली। इसके बाद दूसरे स्थान पर खरगोन जिला रहा, जहाँ 98,200 उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया। तीसरे स्थान पर उज्जैन के 97,800 उपभोक्ता और चौथे स्थान पर रतलाम जिला रहा जहाँ 84,300 उपभोक्ताओं के सरचार्ज माफ किए गए। कंपनी क्षेत्र के अन्य जिलों में भी 27,800 से लेकर 75,000 उपभोक्ताओं को इस योजना के दायरे में लाकर लाभान्वित किया गया। पिछले 8 महीनों में अलग-अलग चरणों के माध्यम से अंतिम दिन तक प्रत्येक पात्र उपभोक्ता तक इस सरकारी योजना का लाभ पहुँचाने का प्रयास किया गया।

    कंपनी की झोली में आया 322 करोड़ का राजस्व
    8 महीनों तक चले इस विशेष अभियान के जरिए न केवल उपभोक्ताओं का आर्थिक बोझ कम हुआ, बल्कि बिजली कंपनी को भी करीब 322.50 करोड़ रुपए का भारी राजस्व प्राप्त हुआ है। योजना के नियमों के तहत तीन माह से अधिक के बकाया बिलों के एकमुश्त भुगतान पर सरचार्ज में 70 से 90 प्रतिशत तक की छूट दी गई थी, जबकि किस्तों का विकल्प चुनने पर पहली किस्त तुरंत जमा कराने पर 50 से 60 प्रतिशत तक की बड़ी राहत दी जा रही थी।

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