
गार्ड कर रहे निगरानी, सफाई व्यवस्था में भी हुआ सुधार
इन्दौर। इंदौर (Indore) के मध्य क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक छत्रियों (Historic Umbrellas) को देखने के लिए अब पर्यटकों (Tourists) को टिकट चुकाना होगा। यहां की व्यवस्था को बेहतर करने और बेहतर देखभाल के लिए ट्रस्ट ने ये निर्णय लिया है। छत्रियों का एक बड़ा हिस्सा ट्रस्ट के पास, तो एक छत्री राज्य पुरातत्व विभाग के पास है।
राजबाड़ा क्षेत्र में स्थित शहर की प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहर कृष्णपुरा छत्रियों को देखने के लिए अब पर्यटकों को टिकट चुकाना पड़ रहा है। छत्रियों पर बेवजह आवाजाही पर रोक और यहां की बेहतर देखरेख के लिए खासगी ट्रस्ट ने ये निर्णय लिया है। यहां मौजूद छत्रियों के समूह में से केवल एक छत्री कृष्णाबाई होलकर की छत्री राज्य पुरातत्व के अधीन है। बाकी परिसर की अन्य छत्रियों शिवाजी राव होलकर और तुकोजीराव होलकर द्वितीय सहित अन्य छत्रियां खासगी ट्रस्ट के अधीन आती है। यहां की बेहतर देखभाल, साफ-सफाई और इस ऐतिहासिक महत्व की छत्रियों के संरक्षण के लिए टिकट का निर्णय लिया गया है। अब यहां प्रत्येक पर्यटक से प्रवेश शुल्क 20 रुपए लिया जा रहा है, जिसका नतीजा ये हुआ है कि अब यहां हर दिन होने वाली हलचल कम हो गई है। कई लोग यहां बस आराम फरमाने पहुंच जाते थे, तो कई यहां बेवजह ही पहुंच जाते थे। इतना ही नहीं, यहां होने वाली शूटिंग और अन्य शूट के लिए भी शुल्क निर्धारित कर दिए गए हैं। खासगी ट्रस्ट ने इनके संरक्षण को लेकर भी योजना तैयार की है, जिस पर काम शुरू कर दिया गया है।
संरक्षण के साथ ही परिसर की दशा सुधरी
टिकट लागू हुए फिलहाल ज्यादा समय नहीं हुआ है, लेकिन इतने ही दिन में यहां साफ-सफाई बेहतर हो गई है और परिसर की दशा भी सुधर गई है। पुरातत्व विभाग के अलावा अब यहां ट्रस्ट का भी एक सुरक्षाकर्मी तैनात है। उल्लेखनीय है कि पूरे भारतवर्ष से यहां इन्हें देखने आने वाले पर्यटकों में सबसे ज्यादा संख्या महाराष्ट्र के पर्यटकों की है, क्योंकि वे होलकर और देवी अहिल्याबाई होलकर को लेकर ज्यादा रुचि दिखाते हैं।
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