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लखनऊ में ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का लोकार्पण किया रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने

May 30, 2026


लखनऊ । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने लखनऊ में ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का लोकार्पण किया (Inaugurated ‘Naval Shaurya Vatika’ in Lucknow) ।


  • भारतीय सेनाओं के बढ़ते गौरव, स्वदेशी रक्षा क्षमता और हालिया सैन्य उपलब्धियों के बीच उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को शनिवार को एक नई पहचान मिली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने 19 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का लोकार्पण किया। गोमती तट पर विकसित इस अनूठी वाटिका में भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त युद्धपोत आईएनएस गोमती को उसके मूल स्वरूप में स्थापित किया गया है, जो युवाओं को देशभक्ति, सैन्य पराक्रम और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रेरित करेगा।

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना शौर्य वाटिका को केवल एक पर्यटन स्थल या पार्क मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय चेतना, सैन्य परंपरा और देशभक्ति का जीवंत प्रतीक है। यहां प्रदर्शित युद्धपोत, हथियार और नौसैनिक उपकरण वास्तविक हैं, जो भारतीय सेनाओं के शौर्य और समर्पण की कहानी बताते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थल आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और कर्तव्यबोध के लिए प्रेरित करेगा। रक्षा मंत्री ने रिकॉर्ड समय में इस परियोजना को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका की स्थापना केवल संयोग नहीं है, बल्कि इसका संबंध प्रदेश के इतिहास, भूगोल और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि गोमती नदी के नाम पर भारतीय नौसेना का प्रतिष्ठित युद्धपोत ‘आईएनएस गोमती’ वर्षों तक राष्ट्रसेवा करता रहा है।

    इसी तरह लखनऊ की ऐतिहासिक पहचान और गोमती नदी का रिश्ता भी इस परियोजना को विशेष महत्व प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह वाटिका प्रदेश और भारतीय नौसेना के बीच भावनात्मक और ऐतिहासिक जुड़ाव का प्रतीक बनेगी। राजनाथ सिंह ने लोगों से अपील की कि वे अपने परिवार और बच्चों के साथ यहां आएं और भारतीय नौसेना के गौरवशाली इतिहास को समझें। उन्होंने कहा कि नौसैनिकों की वर्दी केवल कपड़े का एक परिधान नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण, अनुशासन और कर्तव्य का प्रतीक होती है। यह वाटिका युवाओं को उसी भावना से जोड़ने का माध्यम बनेगी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा को विकास की सबसे बड़ी पूर्वशर्त बताया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में असुरक्षा, दंगे, कर्फ्यू और माफिया राज का माहौल था, जिससे निवेश और विकास की संभावनाएं प्रभावित होती थीं। आज प्रदेश सुरक्षित वातावरण के कारण देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश का सैनिक सीमाओं पर पूरी निष्ठा के साथ कर्तव्य निभाता है तो नागरिकों का भी दायित्व बनता है कि वे सेना और वर्दीधारियों के प्रति सम्मान का भाव रखें। इसी सोच के साथ लखनऊ में नौसेना संग्रहालय और शौर्य वाटिका की परिकल्पना की गई थी, जो अब साकार हो चुकी है। उन्होंने कहा कि दुनिया में शांति का सम्मान वही देश करा सकता है जो अपनी सुरक्षा के प्रति मजबूत और सजग हो। यदि कोई देश या शक्ति भारत की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए खतरा बनती है तो उसके साथ केवल उपदेशों से काम नहीं चलता, उसे उसी की भाषा में जवाब देना पड़ता है।

    नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा कि भले ही उत्तर प्रदेश समुद्र तट वाला राज्य नहीं है, लेकिन इसकी नदियां अंततः समुद्र से जुड़ती हैं। गोमती नदी के नाम पर बने युद्धपोत आईएनएस गोमती ने 34 वर्षों तक राष्ट्रसेवा की और अब उसका गौरवशाली इतिहास लखनऊ में आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि वाटिका में नौसेना के विभिन्न प्लेटफॉर्म, रक्षा तकनीक, यूपी डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस निर्माण परियोजना से जुड़ी जानकारियां भी उपलब्ध होंगी, जिससे युवाओं में सैन्य सेवाओं के प्रति आकर्षण बढ़ेगा।

    ज्ञात हो कि नौसेना शौर्य वाटिका में भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त युद्धपोत आईएनएस गोमती स्थापित किया गया है, जो कि आकर्षण का मुख्य केंद्र होगा। यह युद्धपोत 28 मई 2022 को सेवा से रिटायर हुआ था। वहीं एंकर, एके-726 मीडियम रेंज तोप, सीईटी-53 एम पनडुब्बी अवरोध, जिफ-101 लॉन्चर विद आरजे, कैपस्टन ड्रम, मुख्य मस्तूल और जहाज का प्रोपेलर शामिल हैं।

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