
जोधपुर । केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत (Union Minister Gajendra Singh Shekhawat) ने कहा कि देश की ‘आधी आबादी’ को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना (Connecting ‘Half Population’ of the Country with mainstream of Development) समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है (Is biggest need of the Hour) । किसी भी समाज, देश या संस्थान की वास्तविक प्रगति तब तक संभव नहीं है, जब तक महिलाओं को समान अवसर और बराबरी का दर्जा नहीं दिया जाता ।
रविवार को चौपासनी चारणान में आयोजित स्वर्गीय चंडीदान स्मृति सवासणी स्वाध्याय एवं निःशुल्क आवासीय कोचिंग केंद्र के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि पिछले एक दशक में सामाजिक सोच और चेतना में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। आज विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम इस बात के प्रमाण हैं कि समाज की बेटियां अपनी प्रतिभा और परिश्रम के दम पर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि, आर्थिक या संसाधनगत अभाव के कारण किसी ग्रामीण या गरीब परिवार के प्रतिभाशाली बच्चे को आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिलता, तो यह केवल उस परिवार की नहीं, अपितु पूरे देश और समाज की क्षति है। ऐसे में, प्रतिभाओं को उचित मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराना सामाजिक दायित्व है।
केंद्रीय मंत्री ने वर्ष 2014 का एक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि गुजरात के राजकोट में समाजसेवी राजेंद्र सिंह ने महज दो लोगों के सहयोग और एक किराए के कमरे से युवाओं को प्रशासनिक एवं पुलिस सेवाओं की तैयारी करवाने का कार्य शुरू किया था। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा आया, जब पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती के 105 सामान्य पदों में से 95 अभ्यर्थी उसी संस्थान से चयनित हुए। शेखावत ने कहा कि पिछले तीन दशकों में उस संस्थान से पढ़कर सरकारी सेवाओं में पहुंचे युवाओं की कुल आय का मूल्यांकन किया जाए तो यह आंकड़ा 2000 करोड़ रुपए से अधिक बैठता है। उन्होंने कहा कि समाज के कुछ समर्पित और ईमानदार लोग यदि, किसी उद्देश्य के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करें तो वे हजारों परिवारों का भविष्य बदल सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस आवासीय कोचिंग केंद्र का शुभारंभ केवल एक संस्थान का उद्घाटन नहीं, अपितु शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता के लिए समाज के सामूहिक संकल्प का प्रतीक है। यह केंद्र ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की बेटियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नया मंच उपलब्ध कराएगा। संस्थान के संचालन में आने वाले बिजली खर्च को कम करने के लिए शेखावत ने भवन की छत पर सोलर पैनल लगाने का सुझाव दिया। उन्होंने इस दिशा में सहयोग के लिए ओसियां विधायक बैराराम सियोल से भी आग्रह किया। शेखावत ने कहा कि बेटियों की शिक्षा के इस पुनीत अभियान में वे स्वयं भी अपनी क्षमता अनुसार हर संभव सहयोग देंगे।
नवनिर्मित कोचिंग केंद्र स्वर्गीय चंडीदान रत्नू की स्मृति में उनके पुत्र स्वर्गीय हरि सिंह रत्नू द्वारा समर्पित तीन बीघा भूमि पर निर्मित किया गया है। समारोह में राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, ओसियां विधायक बैराराम सियोल, भाजपा देहात दक्षिण के जिलाध्यक्ष त्रिभुवन सिंह भाटी, पुलिस आयुक्त शरत कविराज, संस्थान प्रमुख एवं पूर्व आईएएस राजेंद्र सिंह रत्नू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, समाज के गणमान्य नागरिक और समाजबंधु उपस्थित रहे।
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