
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक ने सोने की बिक्री की खबरों को बुधवार को खारिज करते हुए कहा कि फिजिकल गोल्ड रिजर्व में कोई बदलाव नहीं हुआ है और यह 880.52 टन पर स्थिर बना हुआ है. आरबीआई ने उन खबरों के बाद यह स्पष्टीकरण जारी किया है जिनमें दावा किया गया था कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के प्रभाव से विदेशी मुद्रा भंडार की रक्षा के लिए केंद्रीय बैंक ने लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेच दिया है. केंद्रीय बैंक ने बयान में कहा कि आरबीआई जोर देकर कहता है कि ये खबरें सही नहीं हैं. उसने आम जनता को सलाह दी कि ऐसे मामलों में समय-समय पर आरबीआई द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें. इस बीच, पीआईबी ने भी इन खबरों पर फैक्ट-चेक रिपोर्ट जारी की. आरबीआई के अनुसार, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी सितंबर 2025 के अंत में 13.92 प्रतिशत से बढ़कर 31 मार्च 2026 को 16.70 प्रतिशत और 22 मई 2026 तक 16.85 प्रतिशत हो गई है.
आरबीआई की ओर से यह प्रतिक्रिया ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के डेटा का हवाला देते हुए कहा गया था कि भारत के सेंट्रल बैंक ने मिडिल ईस्ट में वॉर के साइड इफेक्ट से अपनी विदेशी-करेंसी असेट्स को बचाने के लिए अपने सोने के भंडार का एक हिस्सा बेचा हो सकता है. बीई के सीनियर भारतीय अर्थशास्त्री अभिषेक गुप्ता ने लिखा कि भारतीय रिजर्व बैंक ने 22 मई तक के दो हफ्तों में संभवतः लगभग 12 अरब डॉलर की वैल्यू का सोना बेचा, जबकि 7.5 अरब डॉलर की फॉरेन करेंसी असेट्स की खरीदारी की. यह गिरावट इस कीमती धातु पर इंपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी के बावजूद आई, जिससे बैंक के सोने और डॉलर का वैल्यू बढ़ना चाहिए था.
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इससे पता चलता है कि RBI सोना बेच रहा था. रिपोर्ट में कहा गया था कि कथित बिक्री उन चिंताओं को उजागर करती है जिनका सामना भारत लगातार कैपिटल आउटफ्लो और तेल की बढ़ती कीमतों के कारण कर रहा है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे यह भी पता चलता है कि RBI लिक्विड फॉरेक्स को प्राथमिकता दे रहा है. जिसकी बड़ी वजह चालू खाता घाटे की वजह से रुपए पर लगातार बढ़ता दबाव है. रिपोर्ट के अनुसार, मार्च के अंत तक, केंद्रीय बैंक के पास 880.52 मीट्रिक टन सोना था, जिसमें से 77 फीसदी देश के भीतर ही रखा गया था. छह महीने पहले, उसने अपने सोने का 66 फीसदी भारत में ही रखा था.
RBI ने अप्रैल में अपनी छमाही फॉरेक्स रिपोर्ट में बताया कि उसका अधिकांश विदेशी भंडार बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के पास है. RBI की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च, 2026 तक, रिजर्व बैंक के पास कुल 880.52 मीट्रिक टन सोना था, जबकि 31 मार्च, 2025 तक यह 879.58 मीट्रिक टन था. इससे पता चलता है कि इस साल सोने की मात्रा में 0.94 मीट्रिक टन की बढ़ोतरी हुई है. ये आंकड़े बताते हैं कि RBI ने वित्त वर्ष 26 के दौरान अपने सोने के भंडार को कम करने के बजाय उसमें और बढ़ोतरी की. रिपोर्ट में आगे यह भी बताया गया है कि केंद्रीय बैंक के पास मौजूद कुल 880.52 मीट्रिक टन सोने में से, 312.32 मीट्रिक टन सोना ‘इश्यू डिपार्टमेंट’ की संपत्ति के तौर पर रखा गया था, जबकि बाकी 568.20 मीट्रिक टन सोना ‘बैंकिंग डिपार्टमेंट’ के तहत रखा गया था.
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