
राजगढ़। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के राजगढ़ जिले (Rajgarh district) में किन्नर महासम्मेलन (Transgender Grand Conference) हुआ. ये आयोजन यहां ब्यावरा शहर में चल रहा था, जिसमें आध्यात्मिक, धार्मिक और सामाजिक समरसता का मैसेज दिया गया. इसमें देशभर से किन्नर महामंडलेश्वर, जगद्गुरु और संत समाज के प्रतिनिधि शामिल थे. कार्यक्रम के दौरान पट्टाभिषेक, शोभायात्रा, धार्मिक अनुष्ठान और श्रीमद्भागवत कथा जैसे कई आयोजन हुए. यहां 50 से अधिक किन्नरों की विधि-विधान और शुद्धिकरण के साथ सनातन में वापसी कराई गई.
यह आयोजन जगद्गुरु काजल ठाकुर मां (भोपाल) के सान्निध्य में हुआ. आयोजन की जिम्मेदारी राजगढ़ की किन्नर गुरु मां मीना नायक और उनकी टीम की रूपाली नायक, जन्नत नायक, माधुरी नायक और तुलसी नायक संभाल रही थीं।
महासमागम के पहले दिन देशभर से पहुंचे किन्नर समाज और संतों के परिचय और मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. दूसरे दिन वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पट्टाभिषेक हुआ. इस दौरान कई संतों और किन्नर प्रतिनिधियों को धार्मिक पदवियां दी गईं. राजगढ़ की किन्नर गुरु मां मीना नायक को महामंडलेश्वर की पदवी मिली.
जगद्गुरु काजल ठाकुर ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान राजगढ़ सहित कई शहरों के 50 से अधिक किन्नरों की सनातन में वापसी कराई गई. इस दौरान शहर में गाजे-बाजे और पारंपरिक तरीके से शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
किन्नर कथा वाचक सुना रहीं भागवत कथा
महासम्मेलन के दौरान श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन भी हो रहा है. कथा का वाचन विश्व की दूसरी किन्नर कथा वाचक हेमलता मां द्वारा किया जा रहा है, जिसे सुनने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. जगद्गुरु काजल ठाकुर और अन्य संतों ने कहा कि उनका किसी भी धर्म से विरोध नहीं है. प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है. उन्होंने कहा कि किन्नर समाज का उद्देश्य राजनीति या धन-संपत्ति नहीं, बल्कि धर्म, समाजसेवा और सामाजिक समरसता का संदेश देना है।
इस दौरान महामंडलेश्वर आम्रपाली मां अमरावती, संगीता मां चंदेरी, गोलू मां सागर, मुस्कान मां सागर, गुड्डी मां, सपना मां अमरावती, नपूसा मां भोपाल, काजल मां रतलाम, सितारा मां, अंजली मां सहित किन्नर अखाड़ा के कई पदाधिकारी और संत शामिल हुए. भोपाल, उज्जैन, इंदौर, नागपुर, जबलपुर, अमरावती, सागर, इटारसी समेत कई शहरों से पहुंचे संतों और किन्नर नायकों की मौजूदगी रही।
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