img-fluid

सीमा पर संगीत का अद्भुत संगम, ए आर रहमान और मोहित चौहान ने जवानों को समर्पित किया विशेष कॉन्सर्ट, ‘वंदे मातरम’ से भावुक हुआ माहौल

June 08, 2026

नई दिल्ली ।भारत-पाकिस्तान सीमा (Border) पर स्थित अटारी-वाघा बॉर्डर (Attari-Wagah Border) एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण (Historic Moment) का साक्षी बना, जब देश के प्रसिद्ध संगीतकार और गायक ए आर रहमान (A R Rahman) ने यहां पहली बार लाइव प्रस्तुति देकर हजारों लोगों को भावुक कर दिया। देशभक्ति और सम्मान की भावना से ओतप्रोत इस विशेष आयोजन ने न केवल संगीत प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया, बल्कि सीमा पर तैनात जवानों के प्रति पूरे देश की कृतज्ञता को भी अभिव्यक्त किया।यह कार्यक्रम फिल्ममेकर इम्तियाज अली (Imtiaz Ali) की आगामी फिल्म “मैं वापस आऊंगा” के प्रचार अभियान का हिस्सा था। हालांकि यह आयोजन केवल फिल्म प्रमोशन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे सीमा सुरक्षा बल के जवानों को समर्पित एक विशेष सम्मान समारोह का रूप दिया गया। कार्यक्रम में ए आर रहमान के साथ लोकप्रिय गायक मोहित चौहान (Mohit Chauhan) भी मौजूद रहे, जिन्होंने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को अधिक भावनात्मक (More Emotional) बना दिया।

अटारी बॉर्डर पर आयोजित इस विशेष कॉन्सर्ट का सबसे यादगार क्षण तब आया जब ए आर रहमान ने अपना प्रतिष्ठित देशभक्ति गीत ‘वंदे मातरम’ प्रस्तुत किया। गीत की धुन और शब्दों ने वहां मौजूद लोगों के भीतर देशभक्ति की भावना को और प्रबल कर दिया। सीमा पर तैनात जवानों, अधिकारियों और दर्शकों ने इस प्रस्तुति का जोरदार स्वागत किया। पूरे परिसर में देशभक्ति के नारों और तालियों की गूंज सुनाई देती रही।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं था, बल्कि उन जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करना भी था जो कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा के लिए निरंतर डटे रहते हैं। आयोजन के दौरान कलाकारों ने जवानों के साहस, समर्पण और सेवा भावना की सराहना की। इस अवसर पर मौजूद कई लोगों ने इसे एक प्रेरणादायक और भावनात्मक अनुभव बताया।

अटारी-वाघा बॉर्डर लंबे समय से देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जाता है। यहां प्रतिदिन होने वाली बीटिंग रिट्रीट समारोह को देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे प्रतिष्ठित स्थल पर ए आर रहमान की प्रस्तुति ने इस स्थान के महत्व को और अधिक बढ़ा दिया। संगीत और राष्ट्रभक्ति का यह संगम लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहने वाला है।

फिल्म “मैं वापस आऊंगा” की टीम के लिए भी यह आयोजन विशेष महत्व रखता है। फिल्म के संदेश और आयोजन की भावना के बीच स्पष्ट सामंजस्य देखने को मिला। कलाकारों ने अपने संगीत के माध्यम से देश की एकता, साहस और समर्पण की भावना को सामने रखने का प्रयास किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होते, बल्कि समाज और सुरक्षा बलों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करते हैं। अटारी-वाघा बॉर्डर पर आयोजित यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।


  • ए आर रहमान की ऐतिहासिक प्रस्तुति और ‘वंदे मातरम’ की गूंज ने यह संदेश दिया कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि देशभक्ति, सम्मान और राष्ट्रीय एकता की भावना को जन-जन तक पहुंचाने की एक सशक्त शक्ति भी है।

    Share:

  • 11 जून को व्रत-पूजा से मिल सकता है विशेष लाभ, ज्योतिषीय दृष्टि से अहम दिन

    Mon Jun 8 , 2026
    नई दिल्ली। हिंदू धर्म (Hinduism)में एकादशी तिथि(Ekadashi tithi)को भगवान विष्णु(Lord Vishnu) की आराधना (worship)के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है, लेकिन 11 जून 2026 का दिन और भी विशेष माना जा रहा है क्योंकि इस दिन परमा एकादशी(Parama Ekadashi) का दुर्लभ योग बन रहा है। यह एकादशी अधिकमास यानी पुरुषोत्तम मास(Purushottam Maas) में पड़ रही है, […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved