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भारत की अवैध घुसपैठियों पर सख्त कार्रवाई से भड़का बांग्लादेश? BSF पर लगाए गंभीर आरोप

July 02, 2026

ढाका। अवैध घुसपैठियों (Illegal infiltrators) पर सख्त कार्रवाई से बांग्लादेश (Bangladesh) भारत (India) पर भड़क उठा है। यही नहीं, बांग्लादेशी सेना (Bangladesh Army) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने भारत (India) और भारतीय सीमा सुरक्षा बल पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश का कहना है कि भारत बिना नियमों का पालन किए, रात के अंधेरे में घुसपैठियों को सीमा पार धकेल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश में तारिक रहमान सरकार के कई अधिकारियों ने इस पर चिंता जताई है।

एक इस रिपोर्ट के मुताबिक BGB ने BSF पर संगीन इल्जाम लगाए। बांग्लादेश का दावा है कि बीएसएफ अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों को वापस भेजने के लिए रात के अंधेरे का इंतजार करती है और बॉर्डर पर मौजूद लाइटें बंद करके उन्हें अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार धकेल देती है।


  • BGB ने लगाए आरोप
    बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के महानिदेशक मोहम्मद अशरफुज्जमा सिद्दीकी ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ भारत की नीतियों की आलोचना की है। बांग्लादेशी अधिकारी सिद्दीकी ने कहा कि भारत बिना किसी औपचारिक प्रत्यर्पण प्रक्रिया के लोगों को वापस भेज रहा है। इसकी वजह से बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी जीरो लाइन पर फंसे हुए हैं। बांग्लादेश की स्टेट मिनिस्टर ने भी इस मामले पर अपना बयान दिया है। शमा ओबैद इस्लाम ने तो यह तक कह दिया है कि भारत का यह एकतरफा कदम दोनों देशों के नाजुक रिश्तों को और खराब कर सकता है।

    भारत का रुख है स्पष्ट
    बांग्लादेश के इन आरोपों पर भारतीय अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने बताया कि डिपोर्टेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें दोनों पक्षों के सहयोग की जरूरत होती है, लेकिन बांग्लादेश इस मुद्दे पर कभी सहयोग नहीं करता। उनके मुताबिक नागरिकता की पहचान के लिए भारत ने बांग्लादेशी अधिकारियों को 2,680 से अधिक मामले भेजे थे। लेकिन बांग्लादेश ने आगे की प्रक्रिया नहीं की और कई मामलों में यह वेरिफिकेशन पिछले 5 साल से ज्यादा समय से लंबित पड़ा हुआ है। अधिकारी ने यह भी बताया कि शेख हसीना के भारत के साथ करीबी रिश्ते होने के कारण भारत ने पहले कभी इस मुद्दे पर बहुत ज्यादा कड़ा रुख नहीं अपनाया था, लेकिन अब बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अब भारत ने घुसपैठियों के खिलाफ और सख्त रुख अपनाया है।

    पश्चिम बंगाल और असम के विधानसभा चुनावों में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद माहौल और बदला है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पिछले महीने बताया था कि भाजपा सरकार ने अब तक 10,000 अवैध घुसपैठियों को वापस बांग्लादेश खदेड़ दिया है। इसके अलावा, 1800 अन्य घुसपैठियों को 12 होल्डिंग सेंटरों में रखा गया है, जिन्हें जल्द ही वापस भेजा जाएगा। वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी अवैध घुसपैठियों को वापस भेजने का वादा किया है।

    शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर अड़ा ढाका
    बता दें कि कि 2024 में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद से ही दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हैं। हालांकि इसकी वजह सिर्फ घुसपैठियों का मुद्दा नहीं है। दरअसल ढाका लगातार भारत से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है, जिसे भारत अब तक खारिज करता आया है। भारत ने यह भी कहा है कि शेख हसीना जब तक चाहें भारत में रह सकती हैं। बांग्लादेश में शेख हसीना को कई मामलों में सजा सुनाई जा चुकी है। इनमें जेल से लेकर मौत की सजा तक शामिल है।

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