
नई दिल्ली ।जापान (Japan) के एक चिड़ियाघर (Zoo) में रहने वाले नर गोरिल्ला (Gorilla) कियोमासा (Kiyomasa) का एक वीडियो (Video) इन दिनों सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में गोरिल्ला का व्यवहार इतना मानवीय दिखाई देता है कि लाखों लोग इसे देखकर हैरान हैं। विशेष रूप से उसकी चिंतनशील मुद्रा और शांत प्रतिक्रिया ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
बताया जा रहा है कि कियोमासा की अपने बाड़े में रहने वाली फीमेल साथी के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। घटना के बाद वह अन्य गतिविधियों से अलग होकर एक कोने में बनी सीढ़ियों पर जाकर बैठ गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि वह लंबे समय तक एक ही स्थान पर बैठा रहता है और बार-बार अपने चेहरे तथा सिर को छूता दिखाई देता है। उसकी यह मुद्रा कई लोगों को किसी गहरे विचार में डूबे इंसान जैसी लगी।
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने इसे अलग-अलग नजरिए से देखा। कई यूजर्स ने मजाकिया टिप्पणियां करते हुए इसे वैवाहिक जीवन से जोड़ दिया, जबकि कुछ लोगों ने इसे जानवरों की भावनात्मक संवेदनशीलता का उदाहरण बताया। इंटरनेट पर बड़ी संख्या में लोगों ने गोरिल्ला की तुलना उन परिस्थितियों से की, जब कोई व्यक्ति किसी विवाद या तनावपूर्ण बातचीत के बाद अकेले बैठकर आत्ममंथन करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, गोरिल्ला दुनिया के सबसे बुद्धिमान और सामाजिक प्राणियों में शामिल हैं। वे अपने समूह के अन्य सदस्यों के साथ मजबूत संबंध विकसित करते हैं और कई प्रकार की भावनात्मक प्रतिक्रियाएं प्रदर्शित करने में सक्षम होते हैं। वैज्ञानिक शोधों में भी यह पाया गया है कि गोरिल्ला खुशी, दुख, तनाव, स्नेह, क्रोध और असंतोष जैसी भावनाओं को विभिन्न व्यवहारों के माध्यम से व्यक्त कर सकते हैं।
वन्यजीव व्यवहार का अध्ययन करने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे दृश्य यह समझने में मदद करते हैं कि मनुष्यों और महान वानरों के बीच कितनी समानताएं मौजूद हैं। गोरिल्ला का आनुवंशिक ढांचा इंसानों से काफी हद तक मेल खाता है, जिसके कारण उनके कई सामाजिक और व्यवहारिक पैटर्न मनुष्यों से मिलते-जुलते दिखाई देते हैं। यही वजह है कि उनकी प्रतिक्रियाएं अक्सर लोगों को भावनात्मक रूप से प्रभावित करती हैं।
कियोमासा के वायरल वीडियो ने एक बार फिर इस विषय पर चर्चा को बढ़ावा दिया है कि जानवर केवल स्वाभाविक प्रवृत्तियों के आधार पर ही नहीं चलते, बल्कि वे जटिल सामाजिक संबंधों और भावनात्मक अनुभवों का भी हिस्सा होते हैं। हालांकि किसी जानवर की मानसिक स्थिति को पूरी तरह समझना आसान नहीं होता, लेकिन उसके व्यवहार से उसके भावनात्मक अनुभवों के संकेत अवश्य मिल सकते हैं।
इस घटना ने सोशल मीडिया पर मनोरंजन के साथ-साथ वन्यजीवों के प्रति लोगों की रुचि भी बढ़ाई है। बड़ी संख्या में लोग अब गोरिल्ला और अन्य प्राइमेट प्रजातियों के व्यवहार के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। कियोमासा का यह वीडियो न केवल एक वायरल क्षण बनकर उभरा है, बल्कि इसने इंसानों और जानवरों के बीच मौजूद व्यवहारिक समानताओं को भी नए सिरे से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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