
नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से शनिवार (25 जुलाई 2026) को इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान ने कथित तौर पर NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान दो बार अपना पद छोड़ने की पेशकश की थी. हालांकि, सरकारी नेतृत्व ने दोनों बार उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया और उनसे शिक्षा व्यवस्था में सुधारों पर काम जारी रखने को कहा. यह जानकारी सरकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है.
20 जुलाई को वरिष्ठ मंत्रियों की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी. दावा किया जा रहा है कि इस बैठक में धर्मेंद्र प्रधान ने एक बार फिर इस्तीफा देने की पेशकश की थी. लेकिन सरकार ने उनका प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया. नेतृत्व का मानना था कि सिर्फ इस्तीफा देना किसी समस्या का समाधान नहीं है. सरकार का विचार था कि किसी मंत्री का इस्तीफा देना सबसे आसान रास्ता हो सकता है, लेकिन असली जरूरत व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करने और सुधार लागू करने की है. हालांकि इस पर आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है.
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