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पश्चिम बंगाल : ममता बनर्जी को एक और झटका, टीएमसी राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने दिया इस्तीफा

June 11, 2026

नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल (West Bengal) की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और पार्टी में भगदड़ मची हुई है. पार्टी के राज्यसभा सांसद (Rajya Sabha MP) प्रकाश चिक बराइक (Prakash Chik Baraik) ने आज राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा (resigns) दे दिया है.

प्रकाश चिक बराइक से पहले टीएमसी के दो और कद्दावर राज्यसभा सांसद- सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव भी संसद के उच्च सदन से इस्तीफा दे चुके हैं. एक के बाद एक हुए इन तीन बड़े इस्तीफों के बाद राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस की ताकत काफी कम हो गई है. आज बराइक के इस्तीफे के बाद अब उच्च सदन में टीएमसी के सांसदों की संख्या घटकर केवल 10 रह गई है.


  • आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं मुश्किलें
    सूत्रों और राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के अनुसार, टीएमसी के भीतर यह असंतोष यहीं थमने वाला नहीं है. कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले एक हफ्ते के भीतर टीएमसी के तीन और राज्यसभा सांसद अपने पदों से इस्तीफा दे सकते हैं.

    अगर ये अटकलें सच साबित होती हैं, तो संसद में ममता बनर्जी की पार्टी का ग्राफ और नीचे गिर जाएगा.फिलहाल इन इस्तीफों के पीछे के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन विपक्षी दल इसे टीएमसी के भीतर बढ़ती कलह और असंतोष के रूप में देख रहे हैं.

    इससे पहले बुधवार को राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने सांसद और पार्टी, दोनों से इस्तीफ़ा दिया था इस हफ्ते पार्टी छोड़ने वालीं बाराइक तीसरे सांसद हैं. सबसे पहले सीनियर नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने राज्यसभा और पार्टी से इस्तीफ़ा दिया था.2021 में कांग्रेस छोड़कर TMC में शामिल हुईं देव ने कहा कि यह उनका निजी फ़ैसला था और उन्होंने अपने भविष्य के प्लान के बारे में अटकलों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

    बाराइक का इस्तीफ़ा ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में हार और बगावत के कारण TMC के भीतर अनिश्चितता बढ़ रही है. पिछले हफ़्ते, पार्टी के दो-तिहाई से ज़्यादा विधायकों (80 में से 65) ने आधिकारिक TMC विधानमंडल दल से अलग होकर पश्चिम बंगाल विधानसभा में मुख्य विपक्षी गुट के तौर पर मान्यता हासिल कर ली. यह गुट निकाले गए विधायकऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में बना था. बागी गुट ने तब से दावा किया है कि उनकी ताक़त और बढ़ गई है.

    इसके बाद यह संकट संसद तक पहुंच गया था जहां काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में बागी सांसदों ने 20 से ज़्यादा लोकसभा सदस्यों के समर्थन का दावा किया. बुधवार को जादवपुर की सांसद सायनी घोष और कोलकाता दक्षिण की सांसद माला रॉय भी बागी सांसदों के साथ शामिल हो गईं.

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