ओमान। ओमान के दुक्म पोर्ट पर खड़े एक जहाज में भारतीय नाविक (Indian Sailor) की मौत के बाद विवाद खड़ा हो गया है। फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने जहाज मालिक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि मृतक के शव को सुरक्षित रखने के लिए साथी क्रू मेंबर्स को ठंडी पानी की बोतलों का सहारा लेना पड़ा। मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय भारतीय सीफेयरर निशांत उइर्थनाथन की मौत 11 जून को शैडो टैंकर MT सेलेस्टियल पर हुई। उस समय जहाज ओमान के दुक्म पोर्ट पर डॉक था। यूनियन का आरोप है कि गंभीर रूप से बीमार पड़ने के बावजूद समय पर मेडिकल इवैक्यूएशन नहीं कराया गया, जिससे उनकी जान चली गई।
फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि जहाज पर शव संरक्षण की कोई उचित व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में क्रू सदस्य स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरी परिस्थितियों में ठंडी पानी की बोतलों का इस्तेमाल कर शव को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे थे। यूनियन ने पूरे मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
संगठन ने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय तनाव के कारण राहत और मेडिकल सहायता में देरी हुई। साथ ही जहाज प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नाविक की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि जहाज MT सेलेस्टियल पर चिकित्सकीय जटिलताओं के चलते उनकी जान गई। दूतावास ने बताया कि शव को जल्द से जल्द भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब हाल ही में ओमान के पास एक टैंकर पर हुए अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत को लेकर भी विवाद हुआ था। इस मामले को विपक्ष ने सरकार के सामने बड़ा मुद्दा बनाया है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर नहीं दिख रही है। राहुल गांधी ने जहाज के भारतीय कप्तान से जुड़ी पोस्ट साझा करते हुए मृतक का शव जल्द भारत लाने की मांग की।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप भी लगाया।
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