
वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच डील (America-Iran Deal) फाइनल होने के बाद तकनीकी स्तर पर शांति वार्ता (Peace talks) के लिए स्विट्जरलैंड (Switzerland) में चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की धमकी के विरोध में ईरानी प्रतिनिधिमंडल वेन्यू छोड़कर चला गया था। हालांकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (US Vice President JD Vance) ने कोई निगेटिव प्रतिक्रिया ना होते हुए बात आगे बढ़ाने का फैसला किया। ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही इस शांति वार्ता को ‘मिनाब 168’ नाम दिया है। आखिर इसकी वजह क्या है?
पहले ही दिन टॉमहॉक मिसाइल अटैक
ईरानी प्रेस टीवी के मुताबिक अमेरिका ने जब ईरान के साथ युद्ध शुरू किया तो पहले ही दिन टॉमहॉक मिसाइल से हमला कर दिया। इस हमले में स्कूल की छत गिर गई और कम से कम 168 स्कूली बच्चियां मारी गईं। इसीलिए ईरान ने इस शांतिवार्ता का नाम ‘मिनाब 168 दिया है।’यह स्कूल ईरान के मिनाब में स्थित था। बता दें कि पाकिस्तान में शांति वार्ता के दौरान भी ईरानी प्रतिनिधिमंडल जिस विमान से पहुंचा था, उसपर ‘मिनाब 168’ पेंट किया गया था।
कतर और पाकिस्तान की मौजूदगी में बातचीत
अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने के बाद तकनीकी पहलुओं पर बात करने के लिए जेडी वेंस की अगुआई में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पहुंचा है। उनके साथ जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ हैं। वहीं ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अरागची और पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद बागेर गलिबाफ स्विट्जरलैंड पहुंचे हैं। इसके अलावा कतर इस वार्ता की मध्यस्थता कर रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड आसिम मुनीर भी स्विट्जरलैंड में हैं।
ईरानी विदेश मंत्री के प्रवक्ता ने बताया कि डोनाल्ड ट्रंप के धमकी देने की वजह से स्विट्जरलैंड में चल रही चतुष्पक्षीय वार्ता थोड़े समय के लिए रुक गई। हालांकि दोनों देशों के बीच ईरानी तेल के निर्यात, जब्त की गई संपत्ति को मुक्त करने और होर्मुज में सुरक्षा को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि तकनीकी स्तर पर वार्ता जारी है। हालांकि चारों पक्ष अब साथ बैठकर वार्ता नहीं करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस कक्ष में वार्ता चल रही थी वहां से ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने डोनाल्ड ट्रंप की धमकी का विरोध करते हुए वॉकआउट कर दिया। उस कक्ष में जेडी वेंस भी मौजूद थे।
ईरान ने कहा कि तेल की बिक्री के लिए लाइसेंस, ईरानी संपत्ति को रिलीज करने को लेकर वार्ता का रुख सकारात्मक रहा है। इसके अलावा होर्मुज से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने को लेकर भी चर्चाहुई है। उन्होंने कहा कि रविवार सुबह से ही बातचीत शुरू हो गई थी। हालांकि चारों पक्षों के एक साथ बैठकर चर्चा करने के दौरान तनाव पैदा हो गया। उन्होंने कहा कि इस बैठक के दौरान अमेरिका ने धमकी वाला बयान पब्लिश कर दिया। इसके बाद ईरान ने स्पष्ट कर दिया कि इस तरह के माहौल में वार्ता नहीं हो सकती।
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