
नई दिल्ली ।होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait Of Hormuz) को लेकर ईरान (Iran) और अमेरिका (America) के बीच तनाव बना हुआ है। इसी बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps) यानी आईआरजीसी (IRGC) ने स्पष्ट किया है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को दोबारा तभी खोला जाएगा, जब अमेरिका ईरान की सभी शर्तों को पूरी तरह स्वीकार करेगा। दूसरी ओर, जहाजों की आवाजाही को लेकर ईरान और ओमान के बीच नए प्रोटोकॉल (New Protocol) पर बातचीत भी आगे बढ़ रही है और दोनों देश समझौते के करीब पहुंचने का दावा कर रहे हैं।
आईआरजीसी के प्रवक्ता सरदार मोहेबी ने कहा कि होर्मुज को फिर से खोलना कुछ विशेष व्यवस्थाओं और शर्तों पर निर्भर करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका के सामने रखी गई शर्तें ओमान के साथ चल रही बातचीत से अलग हैं। ईरान के अनुसार, अमेरिका को क्षेत्रीय बातचीत में हस्तक्षेप बंद करना होगा और उसकी मांगों को पूरी तरह स्वीकार करना होगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही के लिए नई व्यवस्था तैयार करने को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत चल रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि दोनों देश नए जहाजरानी प्रोटोकॉल पर समझौते के बहुत करीब पहुंच चुके हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस समझौते के बाद भी जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने के लिए कुछ अतिरिक्त शर्तें पूरी करनी होंगी।
ईरान की प्रमुख मांगों में अमेरिका की ओर से दी जाने वाली धमकियों को बंद करना शामिल है। इसके अलावा ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने तथा नाकाबंदी में शामिल नौसैनिक और वायुसेना बलों को वापस बुलाने की मांग की गई है। ईरानी पक्ष ने संघर्ष के दौरान हुए नुकसान के लिए अमेरिका से मुआवजा देने की मांग भी रखी है।
इसके साथ ही ईरान चाहता है कि उसके खिलाफ लगाए गए प्रतिबंध हटाए जाएं और जब्त की गई ईरानी संपत्तियों को दोबारा जारी किया जाए। इन शर्तों से साफ है कि तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के मुद्दे को केवल समुद्री यातायात से जुड़ी व्यवस्था के रूप में नहीं देख रहा है। इसके पीछे व्यापक राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधी मुद्दे भी जुड़े हुए हैं।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शनिवार को मौजूदा परिस्थितियों को समझौते की दिशा में आगे बढ़ने के लिए बेहतर समय बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान अपने नागरिकों के अधिकारों से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने घरेलू क्षमताओं और जनता पर भरोसा बनाए रखने की बात कही तथा नागरिकों के प्रति संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाने पर जोर दिया।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। यहां जहाजों की आवाजाही में किसी भी तरह की बाधा का असर क्षेत्रीय कारोबार के साथ अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि इस समुद्री मार्ग को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव पर लगातार नजर बनी हुई है।
इसी बीच यमन के मारिब शहर में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने के आरोप भी सामने आए हैं। यमनी पक्ष के अनुसार, इन हमलों में रिहायशी क्षेत्रों और विस्थापित लोगों के शिविरों को निशाना बनाया गया। हमलों में दो लोगों की मौत और 14 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है। यमनी अधिकारियों ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
फिलहाल ईरान और ओमान के बीच जहाजों की आवाजाही से जुड़े समझौते की दिशा में प्रगति दिखाई दे रही है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने का फैसला इससे अलग व्यापक शर्तों से जुड़ा हुआ है। अमेरिका का रुख और ईरान की मांगों पर होने वाली बातचीत आगे की स्थिति तय करने में महत्वपूर्ण होगी।
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