
नई दिल्ली। बॉलीवुड (Bollywood) के दिग्गज अभिनेता देव आनंद (Dev Anand) से जुड़ा एक भावुक किस्सा आज भी लोगों के बीच चर्चा में रहता है। साल 1999 में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) की बस यात्रा के दौरान भारत से पाकिस्तान तक मित्रता का संदेश दिया गया, तब इस प्रतिनिधिमंडल में देव आनंद भी शामिल थे।
देव आनंद उस बस यात्रा में पाकिस्तान के लाहौर पहुंचे थे। उनके साथ भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी मौजूद थे, जबकि पाकिस्तान की ओर से तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने उनका स्वागत किया। यह वही लाहौर था, जहां देव आनंद ने अपनी पढ़ाई गवर्नमेंट कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातक करके की थी।
लाहौर पहुंचकर देव आनंद अपनी पुरानी यादों में खो गए। बताया जाता है कि कॉलेज परिसर में पहुंचते ही वे भावुक हो उठे और दीवारों तथा दरवाजों को पकड़कर रोने लगे। मंच पर बैठकर भी उनकी आंखों से आंसू नहीं रुक रहे थे।
इस दौरान उन्होंने अपने कॉलेज जीवन से जुड़ी एक पुरानी याद को भी ताजा किया और भावुक होकर “उषा” का नाम लिया। उषा उनके जीवन का वह प्रेम थीं, जिन्हें वे अपने छात्र जीवन में बेहद पसंद करते थे।
देव आनंद का पूरा नाम धर्मदेव पिशोरीमल आनंद था। उनका जन्म अविभाजित भारत के पंजाब के शकरगढ़ क्षेत्र में हुआ था, जो विभाजन के बाद पाकिस्तान का हिस्सा बन गया। वे 1943 में केवल 30 रुपये लेकर मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) आए थे और यहीं से उन्होंने फिल्मी दुनिया में अपनी पहचान बनाई।
अपने लंबे करियर में देव आनंद ने 100 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया और भारतीय सिनेमा को कई यादगार किरदार दिए। उनकी लोकप्रियता केवल भारत ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान और दुनिया के कई देशों में भी रही।
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