
नई दिल्ली । ईरानी प्रतिनिधि गदीर नेजामिपूर (Iranian representative Ghadir Nezamipour) ने कहा कि युद्ध के लिए (For the War) अमेरिका और ‘जायोनिस्ट शासन’ जिम्मेदार है (America and ‘Zionist Regime’ are Responsible) ।
ब्रिक्स देशों की सुरक्षा एजेंसियों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की 16वीं बैठक में ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप सचिव गदीर नेजामिपूर ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के प्रतिनिधि के लगाए आरोपों को सख्ती से खारिज किया। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि ईरान के खिलाफ मुहिम में उन्होंने अमेरिका और इजरायल का पूरा साथ दिया। नेजामिपूर ने कहा, “क्षेत्र में हालिया संघर्ष और उसके बाद पैदा हुई परिस्थितियों के लिए अमेरिका और ‘जायोनिस्ट शासन’ जिम्मेदार है।” उन्होंने आरोप लगाया कि होर्मुज स्ट्रेट में संकट और हमलों की शुरुआत उन्होंने ही की थी। उन्होंने यह भी दावा किया, “इन हमलों का एक हिस्सा यूएई की भूमि पर स्थित ठिकानों से संचालित किया गया, और यूएई ने इन कार्रवाइयों में भाग लेते हुए ईरान के नागरिक ढांचे, स्कूलों और अस्पतालों पर हमलों के लिए अपने क्षेत्र का उपयोग करने दिया।”
नेजामिपूर ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि संयुक्त अरब अमीरात प्रचार और दुस्साहस की बजाय अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों का सम्मान करेगा और शांति, स्थिरता तथा क्षेत्रीय सहयोग का मार्ग चुनेगा।” उन्होंने बैठक में एक पोस्टर भी प्रस्तुत किया, जिसमें मिनाब के उन छात्रों को दर्शाया गया था जिनकी मौत हालिया हमलों में हुई बताई गई। उन्होंने कहा कि यह तस्वीर उन बच्चों का प्रतीक है जो उनके अनुसार अमेरिका द्वारा किए गए हमले के पहले दिन मारे गए थे।
नई दिल्ली में ब्रिक्स के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) बैठक चल रही है। दो दिन की इस बैठक की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल कर रहे हैं। इस बैठक में समूह के 11 सदस्य देशों के सुरक्षा प्रमुख भागीदारी कर रहे हैं। इन देशों में भारत, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) शामिल हैं। इसका मुख्य विषय ‘दुनिया के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां’ है।
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