
उलानबाटर। विदेश मंत्री एस. जयशंकर (External Affairs Minister S. Jaishankar) ने मंगलवार को मंगोलिया (Mongolia) में भारत (India) की मदद से बन रही 1.7 अरब डॉलर की रिफाइनरी परियोजना निर्माण साइट (Refinery project construction site) का दौरा किया और काम की प्रगति का जायजा लिया। इस पहल के प्रगति दौरे पर उनके साथ मंगोलियाई समकक्ष बैटसेटसेग बैटमुंख और उद्योग-खनन मंत्री गोंगोर डमडिनन्याम भी मौजूद रहे। जयशंकर ने कहा, भारत-मंगोलिया दोस्ती की यह अहम परियोजना आगे बढ़ रही है।
जयशंकर बोले, इस परियोजना में शामिल विभिन्न टीमों के साथ चल रहे काम की स्थिति सराहनीय है। उन्होंने परियोजना स्थल पर भारतीय और मंगोलियाई कर्मियों से चर्चा की और मुश्किल हालात में इतनी बड़ी परियोजना को साकार करने में उनके समर्पण व प्रतिबद्धता के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, मंगोल तेल रिफाइनरी परियोजना भारत से 1.7 अरब डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट की मदद से पूरी की जा रही है और यह मंगोलिया की टिकाऊ ऊर्जा रणनीति का हिस्सा है। जयशंकर अपने दौरे के अंतिम चरण के लिए बुधवार को दक्षिण कोरिया जाएंगे।
गंदन मठ का दौरा किया: विदेश मंत्री ने मंगोलिया में गंदन मठ का भी दौरा किया, जहां उन्होंने मठ के प्रमुख भिक्षु (चीफ एबॉट) खंबा नोमुन खान गेशे लहारम्पा डी जावजानदोरज से मुलाकात की। उन्होंने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक-आध्यात्मिक रिश्तों में मठ की भूमिका पर जोर दिया।
सहयोग के लिए उच्च-स्तरीय बैठकें
विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत-मंगोलिया के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने के मकसद से उच्च-स्तरीय बैठकें भी कीं। उन्होंने कहा, स्टेट ग्रेट खुराल (मंगोलिया की संसद) के स्पीकर सैंडाग ब्याम्बत्सोत ने दोनों देशों में संसदीय आदान-प्रदान के समर्थन का स्वागत किया। उन्होंने लोगों पर केंद्रित विकास साझेदारी गहराने के लिए समर्थन दोहराया।
रणनीतिक-सांस्कृतिक संबंधों पर जोर
जयशंकर ने मंगोलिया के शिक्षा मंत्री एल. एन्ख-अमगलान और पूर्व राष्ट्रपति एन. एन्खबयार से चर्चा कर इन मुलाकातों को आपसी संबंधों की मजबूती के लिए अहम बताया। विदेश मंत्री की यात्रा का मकसद भारत के रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करना है। उन्होंने मंगोलिया के राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना से मिलकर द्विपक्षीय सोच को लेकर सकारात्मक रुख जताया।
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