
झुंझुनूं। राजस्थान के झुंझुनूं जिले में आर्मी की वर्दी पहनकर खुद को ईसीएचएस (ECHS) विजिलेंस अधिकारी बताने वाला एक युवक प्राइवेट अस्पतालों में जांच के नाम पर रौब झाड़ता रहा। युवक ने मरीजों की ओपीडी, भर्ती और इलाज से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले, लेकिन उसके व्यवहार पर संदेह होने पर मामला खुल गया।
विजिलेंस ऑफिसर बता रहे व्यक्ति के साथ आर्मी का कोई सुरक्षाकर्मी नहीं था, ऐसे में उस पर शक हुआ। अस्पताल संचालकों ने सतर्कता दिखाते हुए आर्मी से जुड़ी जानकारी मांगी तो आरोपी सकपका गया। चिड़ावा शहर के प्राइवेट अस्पताल में जांच पड़ताल करते हुए कथित फर्जी अधिकारी का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। सूचना मिलते ही ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक की टीम सक्रिय हुई और जांच में पता चला कि ऐसा कोई अधिकृत निरीक्षण नहीं चल रहा था। टीम अस्पतालों तक पहुंची, लेकिन तब तक कथित अधिकारी मौके से छूमंतर हो चुका था।
बताया जा रहा है कि 30-35 वर्षीय युवक लेफ्टिनेंट कर्नल जैसी वर्दी में था और सेना व ईसीएचएस की अच्छी जानकारी होने के कारण शुरुआती दौर में अस्पताल प्रबंधन भी उसके झांसे में आ गया। उसकी वर्दी पर अशोक स्तंभ और स्टार लगा हुआ था। काले रंग की कार में सवार होकर आरोपी चुंगी नांका के पास प्राइवेट अस्पताल पहुंचा। उसने अस्पताल प्रबंधन को खुद को दिल्ली से ईसीएचएस अधिकारी बताते हुए रिकॉर्ड मांगा, जिस पर अस्पताल प्रबंधन ने उसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स दिखा दिए।
इसके बाद वह कार में सवार होकर खेतड़ी रोड के प्राइवेट अस्पताल पहुंचा, जहां काफी देर तक रुककर जांच-पड़ताल की कोशिश की। मगर अस्पताल प्रबंधन ने ज्यादा रिस्पॉस नहीं दिया। ऐसे में वर्दीधारी आरोपी खेतड़ी रोड के ही अन्य प्राइवेट अस्पताल पहुंच गया। यहां स्टाफ से ईसीएचएस योजना से संबंधित मरीजों की ओपीडी, भर्ती और इलाज से संबंधित दस्तावेज मांगे। अस्पताल स्टाफ ने उसे रिकॉर्ड भी दिखा दिया।
इस बीच अस्पताल के डायरेक्टर भी रिकॉर्ड रूम में आ गए। उन्होंने आर्मी से जुड़ी बातें की तो कुछ शक हुआ। खुद को फंसता देख आरोपी मौके से भाग गया। मामले की सूचना आर्मी हेडक्वार्टर तक भेजी गई है और युवक की तलाश की जा रही है।
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