
डेस्क: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (State Rural Livelihoods Mission) भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है. हाईकोर्ट ने पंजाब फार्मासिस्ट ऑफिसर्स भर्ती प्रक्रिया पर अगली सुनवाई तक रोक के बीच इस भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई है. हाईकार्ट ने अगली सुनवाई तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई है. अगली सुनवाई 2 सितंबर को प्रस्तावित है और इस दौरान तक हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सारे रिकाॅर्ड तलब किए हैं.
आइए, पूरा मामला विस्तार से जानते हैं. जानते हैं कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने किस वजह से पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनभर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई है.
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है. असल में राज्य सरकार की तरफ से जनवरी 2026 में भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसके तहत 41 ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर और 44 क्लस्टर कोआर्डिनेटर की भर्ती प्रक्रिया के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे. एग्जाम के बाद रिजल्ट जारी किया जा चुका है.
पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन भर्ती का रिजल्ट जारी हो चुका है, लेकिन मेरिट निर्धारण पर हाईकोर्ट में सवाल किए गए हैं. असल में याचिकाकर्ता ने कहा है कि पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनभर्ती में 100 नंबरों के आधार पर मेरिट बनी है. इसमें 70 नंबर लिखित परीक्षा के थे और 10 नंबर इंटरव्यू, 10 नंबर क्वॉलिफिकेशन और 10 नंबर एक्सपीरियंस के लिए रखे गये थे.
याचिकाकर्ताओं ने याचिका में कहा है कि जो नतीजे जो घोषित हुए हैं उनमें पेपर के अलावा बाकी के जो 30 नंबर हैं, उन्हें लेकर स्पष्टता से नहीं बताया गया है. याचिकाकर्ता ने कहा कि सफल कैंडिडेट्स को किसमें किसे कितने नंबर मिले हैं, इसकी जानकारी नहीं दी गई है. रिजल्ट में मात्र कुल नंबर ही बताए गए हैं.
याचिकाकर्ताओं का पक्ष सुनने के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने भर्ती से जुड़ा सारा रिकॉर्ड तलब किए थे और वकीलों और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों की एक कमेटी बनाई थी, जिसने सारे रिकॉर्ड की जांच की.कमेटी ने अपनी जांच में नंबर देने में अनियमितताएं पाईं है, जिसके आधार पर अदालत ने भर्ती प्रक्रिया को अगली सुनवाई तक रोक दिया है. साथ ही हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को अगली सुनवाई निर्धारित की है. अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने सारे रिकॉर्ड तलब किए हैं.
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