img-fluid

जब रिकॉर्डिंग स्टूडियो से बाहर निकाल दिए गए थे किशोर कुमार और आशा भोसले, शुरुआती संघर्ष का चौंकाने वाला किस्सा आया सामने

June 26, 2026


नई दिल्ली। भारतीय संगीत जगत के दो महान गायकों किशोर कुमार (Kishore Kumar) और आशा भोसले (Asha Bhosle) ने अपने करियर में अनगिनत यादगार गीत दिए, लेकिन सफलता की इस ऊंचाई तक पहुंचने से पहले दोनों ने संघर्ष (Struggle) के कई कठिन दौर भी देखे। हाल ही में आशा भोसले द्वारा साझा किया गया एक पुराना संस्मरण (Memoir) उनके शुरुआती दिनों की चुनौतियों और उस दौर की रिकॉर्डिंग स्टूडियो (Recording Studio) की सच्चाई को सामने लाता है। यह किस्सा बताता है कि कैसे कभी उनकी आवाज को नकार दिया गया था और उन्हें रिकॉर्डिंग स्टूडियो से वापस लौटना पड़ा था।

आशा भोसले ने एक बातचीत के दौरान बताया कि करियर के शुरुआती समय में वह और किशोर कुमार एक गीत की रिकॉर्डिंग के लिए स्टूडियो पहुंचे थे। उस दौर में रिकॉर्डिंग की तकनीक आज की तुलना में काफी अलग थी और कलाकारों को लंबे समय तक अभ्यास तथा रिकॉर्डिंग करनी पड़ती थी। जब दोनों ने गाना शुरू किया तो वहां मौजूद रिकॉर्डिस्ट ने उनकी आवाज पर आपत्ति जताते हुए स्पष्ट कहा कि इनकी आवाज उपयुक्त नहीं है और दूसरे गायकों को बुलाया जाए। यह टिप्पणी दोनों के लिए बेहद निराशाजनक थी।

आशा भोसले के अनुसार, यह बात सुनने के बाद दोनों बिना किसी विवाद के स्टूडियो से बाहर निकल आए। उस समय वे काफी देर से काम कर रहे थे और भूखे भी थे। इसके बाद दोनों पास के रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने भोजन किया और चाय पी। आशा ने बताया कि उस कठिन समय में भी उन्होंने निराशा को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया, जबकि किशोर कुमार इस घटना से काफी आहत और नाराज थे।

समय के साथ दोनों कलाकारों ने अपनी प्रतिभा के दम पर संगीत जगत में अलग पहचान बनाई। वर्षों बाद एक अन्य रिकॉर्डिंग के दौरान उनकी मुलाकात उसी रिकॉर्डिस्ट से हुई, जिसने कभी उनकी आवाज को खारिज कर दिया था। आशा भोसले ने बताया कि जैसे ही किशोर कुमार ने उसे देखा, उन्हें पुरानी घटना याद आ गई। वह उससे बात करने के लिए आगे बढ़े और अपनी नाराजगी भी जाहिर की। हालांकि आशा ने उन्हें समझाया कि किसी पुरानी घटना के कारण किसी की नौकरी या सम्मान पर असर नहीं पड़ना चाहिए। उनके समझाने के बाद स्थिति सामान्य हो गई।

आशा भोसले ने बातचीत के दौरान किशोर कुमार के साथ अपनी दोस्ती और आत्मीय रिश्ते का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि शुरुआती दिनों में दोनों एक साथ कई गीतों की रिकॉर्डिंग करते थे। रिकॉर्डिंग के दौरान किशोर कुमार अक्सर मजाक करते रहते थे और उन्हें अलग-अलग नामों से पुकारकर चिढ़ाते थे। समय के साथ दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई और यही सहज रिश्ता आगे चलकर उनके गीतों में भी दिखाई देता था।

उन्होंने यह भी बताया कि किशोर कुमार बेहद बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। वह केवल गायक ही नहीं बल्कि अभिनेता, संगीतकार, निर्माता, लेखक और फिल्मकार भी थे। आशा के अनुसार, वह उनके पहनावे से ही उनके मूड का अंदाजा लगा लेती थीं। यदि वह सफेद कुर्ता-धोती और टोपी पहनकर आते तो समझ जाती थीं कि उनका मूड अच्छा है, जबकि साधारण कपड़ों या बिखरे बालों के साथ आने पर वह कम बातचीत करती थीं। इसके बावजूद दोनों के बीच हमेशा भाई-बहन जैसा स्नेहपूर्ण रिश्ता बना रहा।


  • किशोर कुमार और आशा भोसले की जोड़ी ने आगे चलकर हिंदी सिनेमा को अनेक कालजयी गीत दिए। उनके संघर्ष की यह घटना इस बात का उदाहरण है कि शुरुआती असफलताएं किसी कलाकार की अंतिम पहचान तय नहीं करतीं। प्रतिभा, धैर्य और लगातार मेहनत के दम पर दोनों ने भारतीय संगीत इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कराया।

    Share:

  • महेश दीक्षित होंगे नए आईबी प्रमुख, जम्मू-कश्मीर और आतंकवाद-रोधी अभियानों का लंबा अनुभव

    Fri Jun 26 , 2026
    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी महेश दीक्षित (Mahesh Dixit) को देश की खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का नया निदेशक नियुक्त करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। आंध्र प्रदेश कैडर […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved