
जबलपुर। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले लाखों विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। करीब पांच साल बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू करने का फैसला लिया है। अब कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों के बैंक खातों में यूनिफॉर्म सिलवाने के लिए डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से 600 रुपये नहीं भेजे जाएंगे। इसके स्थान पर विभाग द्वारा स्कूलों के माध्यम से दो-दो जोड़ी सिली हुई (रेडीमेड) गणवेश उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग का मानना है कि डीबीटी व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों को समय पर गणवेश उपलब्ध कराना था, लेकिन कई मामलों में यह राशि विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म पर खर्च नहीं हो रही थी। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अभिभावकों द्वारा राशि का अन्य कार्यों में उपयोग किए जाने के कारण बच्चे पूरे साल बिना निर्धारित गणवेश के स्कूल पहुंचते रहे। इसी वजह से सरकार ने दोबारा केंद्रीकृत गणवेश वितरण प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है।
2020-21 से लागू थी डीबीटी व्यवस्था
प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2020-21 से विद्यार्थियों या उनके अभिभावकों के बैंक खातों में सीधे यूनिफॉर्म की राशि भेजने की व्यवस्था शुरू की गई थी। इससे पहले स्व-सहायता समूहों के माध्यम से यूनिफॉर्म तैयार कर स्कूलों में वितरित की जाती थी। सरकार का उद्देश्य वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और देरी को कम करना था, लेकिन व्यवहारिक स्तर पर यह व्यवस्था अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकी।
भोपाल स्तर से होगी टेंडर प्रक्रिया
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस बार गणवेश की सिलाई और आपूर्ति के लिए भोपाल स्तर से टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। टेंडर जारी होने के बाद चयनित एजेंसियों द्वारा यूनिफॉर्म तैयार कर स्कूलों तक पहुंचाई जाएगी। हालांकि नया शैक्षणिक सत्र 16 जून से शुरू हो चुका है, इसलिए इतनी कम अवधि में टेंडर प्रक्रिया पूरी होना संभव नहीं माना जा रहा है।
पहली से आठवीं तक के बच्चों को मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था के तहत केवल कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को स्कूल के माध्यम से दो-दो जोड़ी मुफ्त रेडीमेड यूनिफॉर्म वितरित की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि सभी बच्चे निर्धारित गणवेश में स्कूल पहुंचें और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को समय पर गणवेश मिल सके।
9वीं से 12वीं तक पुराने नियम ही लागू
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था केवल कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए लागू होगी। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है। इन विद्यार्थियों को पहले की तरह अपनी यूनिफॉर्म स्वयं खरीदनी होगी।
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