
नई दिल्ली। आज (30 जून) से आषाढ़ का महीना (Ashadha Maas 2026) शुरू हो चुका है. हिंदू पंचांग (Hindu Calendar) के अनुसार आषाढ़ वर्ष का चौथा महीना होता है, जो चैत्र, वैशाख और ज्येष्ठ के बाद आता है. यह महीना मौसम के लिहाज से बेहद खास माना जाता है, क्योंकि यह गर्मी और वर्षा के बीच का संधि काल होता है. इसी समय से वर्षा ऋतु की शुरुआत भी मानी जाती है. आषाढ़ के महीने में वातावरण में नमी बढ़ने लगती है और मौसम धीरे-धीरे बदलता है. इसी वजह से इस दौरान संक्रमण, बुखार और अन्य बीमारियों का खतरा अधिक रहता है, क्योंकि शरीर को बदलते मौसम के अनुसार ढलने में समय लगता है।
धार्मिक दृष्टि से आषाढ़ का महीना बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. मान्यता है कि इस महीने में की गई पूजा, साधना और उपासना से मनोकामनाएं पूरी होती हैं. यही कारण है कि इसे कामना पूर्ति (Fulfillment of desires) का महीना भी कहा जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष आषाढ़ माह 30 जून से शुरू होकर 29 जुलाई तक रहेगा. इस महीने का नाम आषाढ़ इसलिए पड़ा क्योंकि इसकी पूर्णिमा तिथि पर पूर्वाषाढ़ा या उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का संयोग होता है।
आषाढ़ महीने का महत्व
आषाढ़ महीने में कई महत्वपूर्ण व्रत और पर्व आते हैं, जो प्रकृति और जीवन से जुड़े होते हैं. महीने के पहले दिन खड़ाऊं (लकड़ी की चप्पल), छाता, नमक और आंवले का दान करना शुभ माना जाता है. यह दान किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को किया जा सकता है।
आषाढ़ महीने में आते हैं ये व्रत-त्योहार
इसी महीने भगवान जगन्नाथ जी की प्रसिद्ध रथ यात्रा भी निकाली जाती है, जिसका विशेष धार्मिक महत्व होता है. इसके साथ ही सूर्य भगवान और मां दुर्गा की उपासना भी इस माह में विशेष फलदायी मानी जाती है. आषाढ़ में गुप्त नवरात्र भी आती है, जो तंत्र साधना और शक्ति उपासना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है. इसके अलावा, इसी महीने देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं और अगले चार महीनों तक शुभ कार्यों पर विराम लग जाता है. आषाढ़ महीने की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जाता है, जो गुरु के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने का सबसे बड़ा दिन माना जाता है।
आषाढ़ का महीना साधना, उपासना और आध्यात्मिक उन्नति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना गया है. यदि इस दौरान व्रत-पूजा और नियमों का पालन किया जाए, तो जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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