
नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा (Indian Cinema) में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों पद्म श्री (Padma Shri) को समय-समय पर देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया जाता रहा है। इनमें पद्म श्री देश का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो कला (Art), साहित्य, विज्ञान, समाजसेवा और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। हिंदी फिल्म उद्योग (Hindi Film Industry) की कई अभिनेत्रियों (Actresses) को भी उनके लंबे और प्रभावशाली फिल्मी सफर के लिए इस सम्मान से नवाजा जा चुका है।
इस सूची में सबसे प्रमुख नामों में अभिनेत्री हेमा मालिनी शामिल हैं, जिन्हें वर्ष 2000 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। उन्होंने अपने लंबे फिल्मी करियर में अनेक सफल फिल्मों में अभिनय किया और भारतीय सिनेमा में विशेष पहचान बनाई। अभिनय के साथ-साथ उन्होंने शास्त्रीय नृत्य और सार्वजनिक जीवन में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।
दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी को वर्ष 2013 में पद्म श्री प्रदान किया गया। उन्होंने हिंदी सहित दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी शानदार अभिनय किया और कई दशकों तक भारतीय सिनेमा की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी गईं। आज भी उनकी फिल्में और अभिनय दर्शकों के बीच विशेष स्थान रखते हैं।
अभिनेत्री कंगना रनौत को वर्ष 2020 में पद्म श्री सम्मान मिला। उन्होंने अपने करियर में कई चुनौतीपूर्ण और महिला केंद्रित भूमिकाएं निभाईं। वहीं रवीना टंडन को वर्ष 2023 में इस सम्मान से नवाजा गया। दोनों अभिनेत्रियों को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान और प्रभावशाली अभिनय के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना चुकीं ऐश्वर्या राय बच्चन को वर्ष 2009 में पद्म श्री मिला। विद्या बालन को वर्ष 2014 में और प्रियंका चोपड़ा को वर्ष 2016 में इस प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किया गया। इन तीनों अभिनेत्रियों ने अपने अभिनय, विविध भूमिकाओं और भारतीय सिनेमा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
वरिष्ठ अभिनेत्री रेखा को वर्ष 2010 में पद्म श्री प्रदान किया गया। उन्होंने अपने लंबे करियर में कई यादगार फिल्मों में अभिनय किया और सशक्त महिला किरदारों के लिए विशेष पहचान बनाई। अभिनेत्री तब्बू को वर्ष 2011 में यह सम्मान मिला। अपने गंभीर और विविधतापूर्ण अभिनय के कारण तब्बू आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे सम्मानित अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं।
दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर को वर्ष 2005 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। उन्होंने हिंदी और बांग्ला सिनेमा में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। वहीं काजोल को भी वर्ष 2011 में यह सम्मान मिला। उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में अभिनय करते हुए भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान स्थापित की।
इस सूची में दिवंगत अभिनेत्री स्मिता पाटिल का नाम भी विशेष महत्व रखता है। उन्हें वर्ष 1985 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। समानांतर और व्यावसायिक दोनों तरह के सिनेमा में उनके योगदान को आज भी बेहद सम्मान के साथ याद किया जाता है। उनका अभिनय भारतीय फिल्म इतिहास की अमूल्य विरासत माना जाता है।
इन सभी अभिनेत्रियों ने अपने-अपने दौर में अभिनय के नए मानक स्थापित किए और भारतीय सिनेमा को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पद्म श्री सम्मान उनके इसी योगदान की आधिकारिक पहचान है। यह सूची दर्शाती है कि प्रतिभा, समर्पण और उत्कृष्ट प्रदर्शन के माध्यम से कलाकार न केवल दर्शकों का प्यार हासिल करते हैं, बल्कि देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में भी अपना स्थान बनाते हैं।
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