
नई दिल्ली। लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, एवीएसएम, एसएम ने आज (बुधवार को) Vice Chief of the Army Staff का पदभार संभाल लिया। वह नेशनल डिफेंस एकेडमी यानी NDA के पूर्व छात्र हैं और उन्हें जून, 1988 में महार रेजिमेंट में कमीशन मिला था। करीब चार दशक लंबे सैन्य करियर में उन्होंने तमाम चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने अर्ध-रेगिस्तानी क्षेत्रों में एक इन्फैंट्री बटालियन की कमान संभालने के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र मिशन दक्षिण सूडान में भी नेतृत्व किया है। इसके अलावा उन्होंने स्ट्राइक कोर में एक इन्फैंट्री ब्रिगेड, उत्तरी कमान में काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स और एक पिवट कोर की भी कमान संभाली है। वह एक जिम्मेदार अधिकारी के रूप में सेवाएं देते रहे हैं और यही कारण है कि आज उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिली है।
उनके सैन्य अनुभव में ऑपरेशन पवन में भागीदारी, इथियोपिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन में सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में सेवा, नियंत्रण रेखा और पूर्वोत्तर भारत के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कई बार तैनाती व आतंकवाद विरोधी अभियानों का व्यापक अनुभव शामिल है। उन्होंने दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के एक सेक्टर का भी सफल नेतृत्व किया।
लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर प्रमोशन के बाद उन्होंने उत्तरी कमान में एक कोर की कमान संभाली। इसके बाद उन्होंने दक्षिणी कमान मुख्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने सेना की क्षमता विकास, बल पुनर्गठन और परिचालन तैयारियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। बाद में उन्हें दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।
लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने अपने सैन्य करियर के दौरान पारंपरिक युद्ध, आतंकवाद विरोधी अभियान, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में संचालन, संयुक्त राष्ट्र मिशनों और विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों में सैन्य तैयारियों से जुड़े कई अहम दायित्व निभाए हैं। उन्होंने आर्मी वॉर कॉलेज से हायर कमांड कोर्स और केन्या में नेशनल डिफेंस कोर्स भी किया है। भारतीय सेना में उनके उत्कृष्ट और विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक यानी AVSM और सेना मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।
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