
रांची । छात्र नेता देवेंद्र महतो (Student leader Devendra Mahto) को तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोका गया (Was prevented from participating in Tiranga Yatra) ।
झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (जेपीएससी) और झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों और पेपर लीक को लेकर झारखंड में चल रहा आंदोलन रविवार को 23वें दिन भी जारी रहा। इस बीच, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की रांची के हॉस्पिटल में पुलिस से झड़प हो गई। पुलिस ने उन्हें स्वतंत्रता दिवस पर एक स्टेडियम में तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए हॉस्पिटल से बाहर जाने से रोक दिया। महतो ने दावा किया कि झड़प के दौरान उनके सीने में चोट लगी। बताया गया कि सदर अस्पताल में देवेंद्र नाथ महतो के कमरे के बाहर भारी पुलिस तैनात की गई थी, क्योंकि वह जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहते थे।
छात्र नेता महतो स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने और तिरंगा यात्रा में हिस्सा लेने की परमिशन मांग रहे थे। अनुमति न मिलने पर उन्होंने हॉस्पिटल से निकलने की कोशिश की, इस दौरान सिक्योरिटी वालों से उनकी झड़प हो गई। वहीं, प्रोटेस्ट कर रहे छात्र उन्हें अपने साथ ले जाने के लिए अस्पताल पहुंचे। इसके बाद हॉस्पिटल में भारी पुलिस तैनात की गई। एक छात्र ने कहा, “देवेंद्र महतो जी, जो इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं, 2 तारीख से भूख हड़ताल पर हैं। उन्हें 10 तारीख को असेंबली कैंपस से ले जाया गया था। एडमिनिस्ट्रेशन ने वजह बताई कि उन्हें मेडिकल दिक्कतें थीं, इसलिए उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया। आज, 15 अगस्त, गर्व और खुशी का दिन है। इसीलिए देवेंद्र महतो प्रोटेस्ट साइट पर जाकर तिरंगा फहराने की परमिशन चाहते थे।”
महतो ने आरोप लगाया कि उन्हें रोका जा रहा है और उनके साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया जा रहा है। महतो ने कहा कि अगर उन पर रोक लगाने का कोई ऑर्डर है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए, और पूछा जाना चाहिए कि उन्हें किस अथॉरिटी के तहत रोका जा रहा है। रांची में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे महतो को भूख हड़ताल के कारण तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, “यह मेरे शारीरिक कष्ट से भी ज्यादा पीड़ादायक है। नौकरियां लीक हुए परीक्षा पेपर, चीटिंग और पक्षपात के जरिए दी जा रही हैं। झारखंड में नौकरियां बेचकर राज्य की आत्मा को बेचा जा रहा है। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि किसी भी परिस्थिति में आंदोलन को कमजोर न होने दें और झारखंड की गरिमा की रक्षा करें।”
एक वीडियो संदेश में उन्होंने सरकार और प्रशासन से झारखंड की आत्मा को बचाने की अपील की और जेएमएम के नेतृत्व वाली सरकार का जिक्र करते हुए कहा, “लोकतंत्र में सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन अंधे होकर आदेशों का पालन मत करो।” इसके अलावा, महतो ने चेतावनी दी कि कुछ तत्व छात्रों के आंदोलन की दिशा बदलने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे उन्होंने बहुत मुश्किलों से खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों और राज्य सरकार के बीच लगातार बातचीत चल रही है। साथ ही उन्होंने बताया कि देश भर के और भी छात्र इस प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं और जब तक उनकी सभी मांगें नहीं मान ली जातीं, आंदोलन जारी रहेगा।
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