
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने शनिवार को कहा कि इंडिया ब्लॉक ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई गई है।
विपक्षी दलों ने पत्र में चुनाव आयोग के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि आयोग की कार्रवाई पक्षपातपूर्ण है। जयराम रमेश ने ‘वोटों और सीटों की चोरी’ का आरोप लगाते हुए दावा किया कि चुनावी प्रणाली में जनता का विश्वास बुरी तरह से कम हो गया है।
उन्होंने इस मुद्दे को कथित राम जन्मभूमि चंदा गबन से भी जोड़ा और इसे ट्रिपल-इंजन सरकार के तहत वोट चोरी, सीट चोरी और चंदा चोरी का मामला बताया। उन्होंने एएनआई को बताया, ‘यह ‘एसआईआर’ प्रक्रिया और भारत निर्वाचन आयोग के पक्षपातपूर्ण कामकाज से संबंधित विशिष्ट चिंताओं को संबोधित करता है। यह आज हो रही वोटों और सीटों की चोरी और इस तथ्य से संबंधित है कि लोगों का हमारी चुनावी प्रणाली पर जो विश्वास कभी था, वह बुरी तरह से कम हो गया है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया ‘लोगों का मानना है कि चुनाव परिणाम पहले से तय होते हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि हमारा संविधान और हमारी चुनावी प्रणाली खतरे में है। अगर चुनाव परिणाम पहले से ही निर्धारित हैं, तो चुनाव कराने का क्या मतलब है?’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘ऐसा लगता है कि ज्ञानेश कुमार पाखंड की बीमारी से ग्रस्त हैं। पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा में उनका आचरण यह दर्शाता है कि चुनाव आयोग गृह मंत्री और प्रधानमंत्री के निर्देशों का पालन करता है।’
जयराम रमेश ने आगे कहा ‘वैसे, अयोध्या में चंदे की चोरी भी हो रही है। यह एक ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार है जहां वोट की चोरी, सीटों की चोरी और चंदे की चोरी होती है।’
ये टिप्पणियां तब आईं जब आम आदमी पार्टी और डीएमके सहित इंडिया ब्लॉक की पार्टियां भारत के चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया और चुनाव से संबंधित अन्य मुद्दों पर चिंता जताने के लिए एक साथ आईं। इस गुट ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को एक संयुक्त पत्र लिखकर अपनी चिंताओं को व्यक्त किया है।
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